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उत्तराखंड के रुद्रपुर में हुए दंगे जैसे हालात, निकली तलवारें………..

पूरे मामले में जहां सिख समाज के लोगों का कहना है कि सीपीयू ने चेकिंग के नाम पर ट्रक चालक की पगड़ी उतारकर उसके धर्म का अपमान किया( वहीं पुलिस प्रशासन का दावा है कि ट्रक चालक ने पुलिस पर आरोप लगाने के लिए खुद अपनी पगड़ी उतारी और इसका वीडियो भी पुलिस के पास है।हंगामे को लेकर भले ही पुलिस और सिख समाज एक दूसरे पर आरोप लगा रहा है, लेकिन सीपीयू को लेकर शहर में पहले भी कई बार विरोध हुआ है। 2018 में ही तीन बार सीपीयू की शहर के लोगों से झड़प हुई और एक मामले में पहले भी सिख समाज के लोगों ने सीपीयू के दरोगा पर बाइक सवार सिख युवक की पगड़ी उतारने का आरोप लगाया था। हालांकि जांच के बाद आरोप निराधार पाया गया।

शहर में फैली अराजकता के कारण जहां शुरुआत में थाना और चौकी पुलिस के साथ पीएसी ने मोर्चा संभाला। वहीं रात बढ़ने के साथ सिख समाज के लोगों को एकत्र होता देख बात बढ़ने की नौबत आ गई। इस पर बाजपुर, गदरपुर ट्रांजिट कैंप, पंतनगर और काशीपुर से भी पुलिस फोर्स बुलाकर बाजार में तैनात की गई। साथ ही दमकल वाहन, सीमा सुरक्षा बल, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते को भी शहर में चप्पे- चप्पे पर मुस्तैद किया गया। देर रात डेरा कार सवार नवाबगंज के प्रमुख और एएसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि गुरुद्वारा सिंह सभा गोल मार्किट में 2 घंटे की वार्ता के बाद इस बात पर फैसला लिया गया है कि मामले में दोषी सीपीयू  कर्मियों को लाइन हाजिर किया जाएगा। वहीं देर ट्रक चालक सतनाम सिंह अकरपुर मुरादाबाद को कोतवाली से जमानत पर छोड़ा दिया गया और मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाएगी। जिसमें गुरुद्वारा प्रबंधन के लोग भी शामिल रहेंगे। इस मामले में चालक और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदर्मा दर्ज किया गया है। जिसमें वादी सीपीयू कांस्टेबल दलिप कुमार हैं। लाइन हाजिर किए गए सीपीयू कर्मियों में कांस्टेबल दलिप कुमार और फिरोज  शामिल हैं।