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श्रीलंका की हंसिनी का भारत के गोविंद पर आया दिल, प्रेम कहानी को यूं मिला अंजाम

श्रीलंका की हंसिनी का भारत के गोविंद पर आया दिल, प्रेम कहानी को यूं मिला अंजाम

सुनने में यह प्रेम कहानी आपको अटपटी लग सकती है। या तो यह किसी फ‍िल्‍म की पटकथा लग सकती है। लेकिन यह सौ फीसद एक सच घटना है। दरअसल, चार वर्ष पूर्व श्रीलंका की हंसिनी और मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के रहने वाले गोविंद सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आए। इसके बाद दोनों के बीच प्रेम हो गया। दोनों के बीच यह प्यार बढ़ता ही गया। इसके बाद हंसिनी उससे मिलने के लिए श्रीलंका से भारत आईं और फिर लगभग चार साल तक एक-दूसरे को समझने के बाद दोनों ने शादी रचा ली। हंसिनी ने इसे दो सभ्‍यताओं और संस्‍कृतियों का मिलन कहा है। वह अपनी शादी को लेकर रोमांचित है।वर्ष 2015 में मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के एक छोटे से गांव कुंचड़ोद के रहने वाले गोविंद महेश्वरी की ट्विटर के जरिए श्रीलंका की हंसिनी एदिरी सिंघे से जान-पहचान हुई थी। इन दो वर्षों में दोनों मैसेज और विडियो कॉल के जरिए एक दूसरे के निकट आते गए। वर्ष 2017 में हंसिनी फिजियो थेरेपी की पढ़ाई करने श्रीलंका से भारत आईं। भारत आने के बाद उनकी मुलाकात गोविंद से हुई। इसके बाद दोनों एक दूसरे के और निकट आए। 10 फरवरी, 2019 को दोनों ने सात फेरे लिए। गोविंद ने हाल ही में बीई की पढ़ाई पूरी की है।उधर, इस शादी को लेकर हंसिनी उत्‍साहित हैं। इस मामले में उनका कहना है कि ये दो अलग-अलग सभ्‍याता और संस्‍कृतियों से जुड़े लोगों का मिलन है। संगम है। हंसिनी ने जोर देकर कहा कि इन दो संस्‍कृतियों को हम सहेज कर रखेंगे।हंसिनी के पिता का कहना है कि पहले मैंने इस शादी से इंकार कर दिया था, लेकिन बाद में गोविंद मुझसे मिलने श्रीलंका आया और उससे मिलने के बाद मैंने शादी के लिए हां कर दिया। हंसिनी के पिता इस शादी से बेहद खुश हैं। उन्‍होंने कहा कि मध्‍य प्रदेश के लोग बहुत अच्‍छे और सभ्‍य हैं। बता दें कि हंसिनी के पिता श्रीलंका में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्‍ता हैं। हंसिनी की मां प्रोफेसर हैं। वहीं गोविंद के पिता रामानुज माहेश्‍वरी किसान हैं। जीविका के लिए उनके पास एक जनरल स्‍टोर भी है।