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गुर्जर आंदोलन: कांग्रेस ने वादा किया था अब दे आरक्षण

गुर्जर आंदोलन: कांग्रेस ने वादा किया था अब दे आरक्षण, गहलोत बोले- वार्ता के लिए तैयार

राजस्थान में उग्र हो रहे गुर्जर आरक्षण आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुर्जर समाज के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार वार्ता के लिए तैयार है।

गहलोत ने कहा कि गुर्जर समाज के लोगों को वार्ता के लिए आगे आना चाहिए,सरकार ने तीन मंत्रियों की कमेटी बना दी है। गहलोत ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्वक होना चाहिए,लेकिन रेल की पटरियों पर बैठना ठीक नहीं है, इससे आम लोगों को परेशानी हो रही है।

उन्होंने कहा कि आंदोलन के अगुवा कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने ही शांतिपूर्वक आंदोलन की बात कही थी, लेकिन रविवार को धौलपुर में हिंसा हुई। सरकार इस घटना की जांच कराएगी उन्होंने कहा कि धौलपुर में आंदोलनकारियों के साथ असामाजिक तत्व शामिल हो गए थे। रविवार को दिल्ली से लौटने के बाद गहलोत ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार शांतिपूर्वक वार्ता के लिए तैयार है।

आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में गुर्जरों को पांच प्रतिशत आरक्षण देने का वादा किया था। कांग्रेस के चुनाव घोषणा-पत्र में आरक्षण देने की बात कही गई थी। अब कांग्रेस सत्ता में आ गई,आरक्षण देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी मांग सही है। उन्होंने कहा कि समाज अब आरक्षण की मांग पूरी होने के बाद ही रेलवे ट्रैक से उठेगा।

करौली, धौलपुर, दौसा में धारा 144

आंदोलन के दौरान धौलपुर में आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच हुए पथराव, फायरिंग और आगजनी की घटना के बाद गुर्जर बाहुल्य करौली जिले में भी धारा 144 लगा दी गई है जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला कलेक्टर नन्नूमल पहाड़िया ने धारा-144 लागू किए जाने के आदेश जारी किए। इससे पूर्व गुर्जरों के महापड़ाव स्थल मलराना डूंगर क्षेत्र और दौसा जिले में धारा-144 लगाई जा चुकी है । दौसा और धौलपुर में भी धारा-144 लागू की गई है।

गुर्जरों की तीन मांगे

1. 5 फीसद आरक्षण का नोटिफिकेशन जारी हो

2. 4 फीसद बैकलॉग हर हाल में पूरा किया जाए

3.  केंद्र की तरह क्रीमीलेयर की सीमा 8 लाख तक हो।