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रालोसपा से निकलते ही महागठबंधन में सियासत तेज

रालोसपा से निकलते ही महागठबंधन में सियासत तेज, राजद-कांग्रेस का नागमणि पर बड़ा हमला

रालोसपा से नागमणि के बाहर निकलते ही महागठबंधन में सियासत तेज हो गई है। महागठबंधन के नेता उपेंद्र कुशवाहा के पक्ष में आने लगे हैं। वहीं नागमणि को निशाने पर ले रहे हैं। खासकर पिछले साल कांग्रेस में शामिल हुए तारिक अनवर ने नागमणि को आड़े हाथों लिया है।

नागमणि मामले पर उपेंद्र कुशवाहा को कांग्रेस का जबर्दस्त साथ मिला है। तारिक अनवर ने कहा कि नागमणि के जाने से महागठबंधन या रालोसपा को कोई फर्क नहीं पड़ता है। नागमणि पार्टी छोड़ने का रिकॉर्ड बना रहे हैं। वे कभी इस दल, तो कभी उस दल करते रहते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि नागमणि ने खुद रालेसपा नहीं छोड़ी, बल्कि उन्हें उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखाया। पार्टी विरोधी गतिविधियों में लगे रहने के कारण ही उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पार्टी को कदम उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि नागमणि का राजनीति में कोई वजूद नहीं है।

वहीं राजद नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि नागमणि के जाने से कुशवाहा पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। उपेंद्र कुशवाहा के साथ पूरा समाज खड़ा है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन छोड़नेवाले पछता रहे हैं। चुनाव तो होने दीजिए, ये लोग भी पछताएंगे। बता दें कि नागमणि ने रविवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इस्तीफा देने के बाद उपेंद्र कुशवाहा पर कई गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने टिकट बेचने से लेकर नौटंकी बेचने तक का आरोप लगाये। हालांकि शुक्रवार को ही रालोसपा ने नागमणि को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के पद से हटा दिया था तथा तीन दिनों में जवाब तलब किया था। लेकिन नागमणि ने जवाब देने के बजाय इस्तीफा सौंपना ठीक समझा।