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वेनेजुएला पर दुनिया में ध्रुवीकरण तेज, गुएडो के पक्ष में US;चीन-तुर्की राष्ट्रपति मादुरो के साथ

वेनेजुएला पर दुनिया में ध्रुवीकरण तेज, गुएडो के पक्ष में US;चीन-तुर्की राष्ट्रपति मादुरो के साथ

तेल के प्रचुर भंडार से संपन्न दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप के देश वेनेजुएला में मचे राजनीतिक घमासान पर दुनिया में ध्रुवीकरण तेज हो गया है। अमेरिका और ज्यादातर दक्षिण अमेरिकी देश एक तरफ और रूस, चीन और तुर्की दूसरी तरफ आ गए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने मुसीबत से बचने के लिए बातचीत करने की अपील की है। वहीं, यूरोपीय संघ ने लोकतंत्र की बहाली के लिए स्वतंत्र चुनाव कराने का आह्वान किया है।

अमेरिका और कनाडा के साथ ही कई क्षेत्रीय देशों ने वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में गुएडो को मान्यता दे दी है। अमेरिका ने तो वेनेजुएला के तेल निर्यात पर नए प्रतिबंध लगाने के संकेत भी दे दिए हैं। इससे निकोलस मादुरो अलग-थलग पड़ते जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ही गुएडो द्वारा खुद को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित करते ही उन्हें मान्यता दे दी थी।

गुरुवार को ट्रंप ने गुएडो की नेशनल असेंबली को ‘वेनेजुएला के लोगों द्वारा निर्वाचित सरकार की एकमात्र वैध शाखा’ बताया। ट्रंप के इस कदम से नाराज मादुरो ने अमेरिका के साथ राजनयिक संबंध तोड़ने की घोषणा की। उन्होंने अमेरिकी राजनयिकों को 72 घंटे के अंदर देश छोड़ने का भी अल्टीमेटम दिया, लेकिन इसके जवाब में गुएडो ने ट्वीट कर कहा कि उनके नेतृत्व में वेनेजुएला चाहता है कि ‘उनके राजनयिक हमारे देश में मौजूद रहें।’

वहीं, अमेरिका के विदेश विभाग ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति मादुरो के पास संबंध खत्म करने का अधिकार नहीं है। 35 साल के इंडस्ट्रीयल इंजीनियर गुएडो ने देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने का वादा किया है। दूसरी ओर, रूस पश्चिमी देशों की आलोचना करते हुए मादुरो के समर्थन में खुलकर आ गया है। रूस ने वेनेजुएला में किसी भी तरह की सैनिक कार्रवाई पर अमेरिका को चेतावनी भी दी है। चीन, तुर्की और मैक्सिको ने भी मादुरो का समर्थन किया है और उन्हें वेनेजुएला का वैध राष्ट्रपति करार दिया है। चीन ने किसी भी तरह के बाहरी हस्तक्षेप का विरोध किया है।

यूरोपीय संघ की राजनयिक प्रमुख फेडेरिका मोघेरिनी ने एक बयान में वेनेजुएला में संवैधानिक व्यवस्था के तहत तत्काल लोकतंत्र की बहाली लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने का आह्वान किया है। जबकि, संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुतेरस ने बातचीत के लिए संकट का समाधान निकालने की अपील की है।इस सियासी उठापटक के बीच वेनेजुएला में विरोध का दौर भी चल रहा है। मादुरो की सरकार के खिलाफ लोग सड़कों पर उतरे हैं। कई जगह हिंसक झड़पें हुई हैं। सेना अभी मादुरो के साथ है। सेना विरोध प्रदर्शनों को दबाने में लगी है। इस हिंसा में 13 लोगों के मारे जाने की खबर है। कई लोग घायल हुए हैं। 2017 में भी अप्रैल से जुलाई के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच हुई झड़पों में 125 लोगों की मौत हो गई थी। विपक्ष के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है। विपक्ष के नेता तो गुएडो को भी गिरफ्तार किए जाने की आशंका जता रहे हैं। सैनिकों ने विरोध की शुरुआत की राष्ट्रपति मादुरो के खिलाफ विरोध की शुरुआत सोमवार को उस वक्त हुई थी, जब राजधानी काराकस के एक कमांड पोस्ट में 27 सैनिक मादुरो सरकार के खिलाफ खड़े हो गए थे। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में इन सैनिकों ने लोगों से सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने का आह्वान किया था। उसके बाद मंगलवार और बुधवार को काराकस और बोलीवर में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए थे। बोलीवर में प्रदर्शनकारियों ने पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज की प्रतिमा को भी आग के हवाले कर दिया था।