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गुरुग्राम में चार मंजिला इमारत ढही, 6 लोगों की मौत

gurugram building collapse

गुरुग्राम के एक गांव में गुरुवार को निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत ढहने के बाद सात मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका है। गुरुग्राम दमकल विभाग के नियंत्रण कक्ष को उल्लावास गांव में इमारत ढहने के बारे में एक स्थानीय निवासी ने सुबह पांच बजकर 15 मिनट पर फोन करके सूचना दी।जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन टीम के साथ बचाव दल घटनास्थल पर मौजूद हैं।गुड़गांव पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी सुभाष बोकन ने पीटीआई-भाषा का बताया, ‘‘बचाव दल भारी कंक्रीट और लोहे की छड़ें हटाकर मलबे में दबे मजदूरों की तलाश कर रहे हैं। उन्हें बचाने का काम चल रहा है।’’ दमकल विभाग के एक अधिकारी इशाम सिंह ने कहा, ‘‘बचाव दल को भारी कंक्रीट, लोहे की छड़ें, मलबा हटाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।’’  उन्होंने बताया कि यह हादसा तब हुआ जब इमारत की चौथी मंजिल के लिए लेंटर डालने का काम चल रहा था।पुलिस इमारत के मालिक की तलाश कर रही है। वह उल्लावास गांव का रहने वाला है।घटना गुरुग्राम के उल्लावास गांव में हुई है। फिलहाल मौके पर एनडीआरएफ की तीन टीम पहुंच गई हैं। तीनों टीम और पुलिस राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। जिस समय इमारत गिरी, जोरदार धमाका हुआ। इसकी आवाज सुनकर लोग जाग गए। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिली है कि बुधवार को ही बिल्डिंग में चौथी मंजिल पर लैंटर डाला था। मलबे में 8 लोगों के फंसे होने की आशंका है।मौके पर पहुंचे एसडीएम संजीव सिंगला ने जानकारी दी कि, ‘इस बिल्डिंग का निर्माणकार्य बीते 4 महीने से चल रहा था। इसके निर्माण में जहां टेक्निकल दक्षता का उपयोग नहीं किया गया वहीं बेहद ही घटिया सामग्री का भी इस्तेमाल किया जा रहा था।करीब 150 लोग राहत व बचाव कार्य में लगे हुए हैं। हमें बताया गया है कि मलबे में 6-7 लोग दबे हुए हैं लेकिन अभी तक सही संख्या पता नहीं चल सकी है।’गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के दल मौके पर मौजूद हैं।राहत बचाव कार्य जारी है। बिल्डिंग के मालिक की भी तलाश की जा रही है। बिल्डिंग गिरने की वजह जांच के बाद ही सामने आएगी।