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योगी की लोकप्रियता में हल्की गिरावट, लेकिन टॉप-5 बेस्ट सीएम में शामिल

योगी आदित्यनाथ की फाइल तस्वीर (रॉयटर्स)

आजतक-कार्वी के सर्वे ‘देश का मिजाज’ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी सरकार सरकार के कामकाज से अधिकतर जनता खुश है. यही वजह है कि देश के सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्रियों की लिस्ट में उनका कद लगातार ऊंचा होता जा रहा है और वे टॉप-5 में जगह बनाने में कामयाब हुए हैं. योगी की लोकप्रियता में पिछले करीब डेढ़ साल में 10 फीसदी का इजाफा देखा गया है. यह सर्वे 2478 लोगों पर किया गया है जिसमें 20 लोकसभा क्षेत्र शामिल किए गए. यह एक्सक्लूसिव सर्वे 28 दिसंबर से 8 जनवरी तक कराया गया.

अगस्त 2017 में यूपी के 30 फीसदी वोटरों की राय में योगी आदित्यनाथ सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री थे लेकिन जनवरी आते-आते इस आंकड़े में गिरावट आ गई और 28 फीसदी लोगों ने ही योगी को बेस्ट सीएम माना. इसके बाद अगस्त 2018 में योगी की लोकप्रियता एकाएक करीब 33 फीसदी बढ़ गई और 28 फीसदी का आंकड़ा बढ़कर 42 फीसदी हो गया. लोकप्रियता में आई ये उछाल हालांकि थोड़ी गिरी है और इस साल जनवरी में सर्वे में 40 फीसदी लोगों को लगता है कि योगी आदित्यनाथ सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री हैं.

40 फीसदी वोटों के साथ योगी देश के शीर्ष पांच लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों में शामिल हो गए हैं. उनके अलावा जो चार मुख्यमंत्री इस लिस्ट में हैं उनमें के चंद्रशेखऱ राव तेलंगाना के, ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की, नवीन पटनायक ओडिशा के और नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री शामिल हैं. इन्होंने आजतक के इस सर्वे में 55 से 80 फीसदी तक वोट पाए हैं.सर्वे के मुताबिक लोगों ने योगी आदित्यनाथ सरकार के कामकाज पर खूशी जाहिर की है. 57 फीसदी लोग योगी आदित्यनाथ सरकार के कामकाज से बहुत संतुष्ट और संतुष्ट हैं जबकि केवल 15 फीसदी लोगों ने ही योगी सरकार से निराशा अथवा बहुत निराशा जताई है. 27 फीसदी आबादी ऐसी है जो न तो योगी सरकार से संतुष्ट है और न ही निराश. मुख्यमंत्री के परफॉर्मेंस की बात करें तो योगी आदित्यनाथ के कामकाज से यूपी की 17 फीसदी लोग बेहद संतुष्ट हैं जबकि 40 फीसदी लोग ऐसे हैं जो बहुत तो नहीं मगर सरकार के कामकाज से खुश जरूर हैं. सर्वे में यह बात भी सामने आई कि प्रदेश के 57 फीसदी वोटर ऐसे हैं जो योगी सरकार के कामकाज से संतुष्ट हैं. 27 फीसदी लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने न तो सरकार के कामकाज के प्रति संतोष जाहिर किया और न ही उनके अंदर कोई असंतोष ही है.