देश मनोरंजन होम

WhatsApp का ये फीचर अब दुनियाभर में उपलब्ध, जानें क्यों है जरूरी

Representational Image

फेसबुक की कंपनी WhatsApp ने फेक न्यूज और अफवाहों से निपटने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. हालांकि कंपनी ने इसकी शुरुआत पहले ही की थी. दरअसल मैसेज फॉरवर्ड करने पर वॉट्सऐप ने पिछले साल लिमिट लगाया था. एक बार में 20 इंडिविजुअल या ग्रुप में एक यूजर वॉट्सऐप मैसेज फॉरवर्ड कर सकता था. लेकिन अब कंपनी ने इसकी लिमिट कम कर दी है. अब एक यूजर सिर्फ पांच मैसेज फॉरवर्ड कर सकता है.

दिलचस्प ये है कि 5 यूजर को मैसज फॉरवर्ड करने के लिए तैयार किया गया अपडेट भारत में पिछले साल जुलाई में ही आ चुका था. लेकिन अब कंपनी ने इस फीचर को ग्लोबल बनाने का ऐलान किया है. यानी अब दुनिया भर के वॉट्सऐप यूजर्स भी एक बार में सिर्फ पांच लोगों को ही वॉट्सऐप मैसेज फॉरवर्ड कर पाएंगे.

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक वॉट्सऐप की पॉलिसी एंड कम्यूनिकेशन वाइस प्रेसिडेंट विक्टोरिया ग्रांड ने कहा है, ‘आज से दुनिया भर के वॉट्सऐप यूजर्स के लिए वॉट्सऐप मैसेज फॉरवर्ड करने की लिमिट को घटा कर 5 किया जा रहा है’. कंपनी के अधिकारियों ने कहा है कि वॉट्सऐप मैसेज फॉरवर्ड को लिमिट करके गलत जानकारी और अफवाहों से लड़ा जा सकता है.

गौरतलब है कि फेक न्यूज और अफवाहों को रोकने के लिए वॉट्सऐप ने फॉरवर्ड किए गए मैसेज में लेबल देने शुरू किया है. इसके अलावा भारत के अखबार और टीवी पर विज्ञापन के जरिए लोगों को फेक न्यूज और अफवाहों को रोकने को कहा जा रहा है.

फेक न्यूज और अफवाहों के अलावा आज कल वॉट्सऐप चाइल्ड पोर्नोग्रफी के लेकर भी न्यूज में है. कंपनी ने इसी क्रम में 1 लाख 30 हजार अकाउंट्स डिलीट किए हैं. इसके लिए कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल की मदद ली है और अवैध ऐक्टिविटी के शक पर अकाउंट्स डिलीट किए गए हैं. इजराइली एनजीओ की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत में भी ऐसे सैकड़ों ग्रुप ऐक्टिव है जो चाइल्ड पोर्नोग्रफी के नाम पर हैं और इनमें आपत्तिजनक वीडियोज शेयर किए जाते हैं.

वॉट्सऐप के मुताबिक कंपनी ऐसे मामलों पर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी रखती है और इससे निपटने के लिए सबसे एडवांस्ड टेक्नॉलजी का यूज किया जा रहा है. ये टेक्नॉलजी प्रोफाइल फोटोज और डिस्क्रिप्शन स्कैन करती है औऱ चाइल्ड पॉर्नोग्रफी से जुड़े होने के शक पर उन अकाउंट्स को बैन कर दिया जाता है. चूंकि वॉट्सऐप के चैट्स एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड होते हैं और ऐसी स्थिति में सेंडर और रिसीवर के अलावा कोई दूसरा चैट नहीं पढ़ सकता है. इसलिए कंपनी चैट के कॉन्टेंट को नहीं देख सकती है. कंपनी ने इस तरह के अकाउंट्स हटाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड टूल तैयार किया है.