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ये पुलिस इंस्‍पेक्‍टर कभी दूसरों को पकड़ते थे, आज खुद फंस गए 15 हजार के लोभ में

ये पुलिस इंस्‍पेक्‍टर कभी दूसरों को पकड़ते थे, आज खुद फंस गए 15 हजार के लोभ में

ये पुलिस इंस्‍पेक्‍टर कभी दूसरों को गलत करने के लिए पकड़ते थे। उन्‍हें जेल के अंदर पहुंचाते थे। लेकिन रविवार को इंस्‍पेक्‍टर साहब खुद फंस गए। निगरानी के हत्‍थे चढ़ गए। पुलिस ने घुसखोरी के आरोप में उन्‍हें गिरफ्तार कर लिया। मामला बिहार के मधुबनी का है।

मधुबनी जिले के खजौली अंचल के पुलिस इंस्पेक्टर शिव कुमार को निगरानी विभाग की धावा दल ने रविवार को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोच लिया। विजिलेंस के डीएसपी गोपाल प्रसाद पासवान के नेतृत्व वाली टीम ने उक्त कार्रवाई को अंजाम दिया। खजौली स्थित सरकारी आवास में घूस लेते रंगेहाथ पुलिस इंस्पेक्टर शिवकुमार को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम उसे पटना लेकर चली गई। इंस्पेक्टर शिवकुमार बाबूबरही थाना में दर्ज काउंटर केस कांड संख्या-04/19 एवं 05 /19 के सिलसिले में रिश्वत ले रहे थे। एक कांड को सत्य करार देने तथा एक कांड से नाम छांट देने के लिए इंस्पेक्टर ने 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग किया था। इसकी शिकायत बाबूबरही के बरैल निवासी शिव शंकर साहु ने विजिलेंस में किया था।
शिकायत का सत्यापन के उपरांत विजिलेंस के धावा दल ने घूसखोर पुलिस इंस्पेक्टर शिवकुमार को ट्रैप करने के लिए जाल बिछाया। इस क्रम में रविवार की सुबह शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए निगरानी विभाग का धावा दल ने रंगेहाथ घूसखोर पुलिस इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर लिया।
जयनगर के एसडीपीओ सुमित कुमार ने उक्त गिरफ्तारी की पुष्टि की है। एसडीपीओ ने कहा कि एसपी के निर्देश पर इस मामले की जांच की गई। जिसमें कदाचार व रिश्वत लेने की बात सही प्रतीत हुआ है। काउंटर केस में नाम हटाने के बदले रिश्वत लेने की बात सामने आई है। वहीं एसपी दीपक बरनवाल ने बताया कि इंस्पेक्टर शिवकुमार को निलंबित कर दिया गया है। प्रोसिडिंग की प्रक्रिया भी प्रारंभ की जाएगी।