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21 जनवरी को लगेगा 2019 का पहला चंद्र ग्रहण, बन रहा है यह संयोग

Lunar Eclipse 2019: प्रतीकात्मक फोटो

21 जनवरी सोमवार के दिन अनोखा चंद्र ग्रहण लगने वाला है. सोमवार को पौष पूर्णिमा है, यानि अशुभ पौष मास खत्म हो जाएगा. सुपर ब्लड मून पर खग्रास चंद्र ग्रहण लगेगा. चंद्र ग्रहण के दौरान चांद की रौशनी 30 प्रतिशत ज्यादा तेज हो जाएगी और चांद 15 प्रतिशत बड़ा दिखेगा. इस ग्रहण की कुल अवधि साढ़े तीन घंटे की होगी. हालांकि भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा. लेकिन फिर भी इसका असर 15 दिन तक रहेगा. राजनितिक उथल पुथल होने की संभवना है. महंगाई बढ़ सकती है. मौसम में बदलाव आ सकते हैं.

चंद्र ग्रहण का असर-

चंद्रमा जल वायु और बर्फ का कारक होता है. पश्चिम दिशा का कारक होता है. 21 से 24 जनवरी तक पश्चिमी विक्षोप यानि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से पहाड़ों में बर्फ पड़ सकती है. शीत लहार चलने की अधिक संभावना है. मैदानी इलाकों में तूफ़ान और वर्षा हो सकती है. साथ ही समुद्र में हाई टाइड उठ सकती हैं. 21 जनवरी से 24 जनवरी तक मौसम खराब रह सकता है. धन लाभ संबंधी काम में अड़चन आ सकती है.

बन रहा है ये अनोखा संयोग-

प्रयाग का अर्ध्य कुंभ चल रहा है. हर पूर्णिमा का शाही स्नान होगा. लगभग अगले तीन पूर्णिमा तक सुपर चन्द्र की श्रृंखला में यह पहला सुपर मून होगा. चंद्रमा अपनी कर्क राशि में होगा. शनि का पुष्य नक्षत्र होगा. खास चंद्र पुष्य बन रहा है. इस चंद्र पर खग्रास चन्द्र ग्रहण है. स्नान दान जाप पूजा से बहुत लाभ मिलेगा. सारे पाप धूल जाएंगे. रोग और दरिद्रता से मुक्ति मिलेगी.

चंद्र का अद्भुत संयोग बना है-

इस चंद्र ग्रहण एक अद्भुत संयोग बना है. सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ चंद्र ग्रहण आया है. पढ़ाई, नौकरी, व्यापार, शादी, मुकदमा, शत्रु शांति संबंधी हर काम सौ प्रतिशत बनेगा. शुभ माघ मास में सैकड़ों साल बाद ग्रह नक्षत्रों का ऐसा संयोग बना है.

सुपर चंद्र ग्रहण का समय-

21  जनवरी  सोमवार ग्रहण आरम्भ- सुबह 9 बजकर 4 मिनट.

ग्रहण मध्य- परम ग्रास- सुबह 10 बजकर 42 मिनट.

ग्रहण स्पर्श समाप्त- सुबह 11 बजकर 13 मिनट.

ग्रहण समाप्त- दोपहर 12 बजकर 21 मिनट.

ग्रहण से थोड़ी हानि होगी उसका उपाय-

सोमवार को पूर्णिमा को चन्द्र ग्रहण के दौरान चन्द्रमा अपने कर्क राशि में होगा. साथ में राहु बैठा होगा. चन्द्र को ग्रहण राहु लगाएगा, जो अपने शत्रु राशि में बैठा है. इस तरह चंद्र ग्रहण का ये संयोग कष्ट दे सकता है. ग्रहण मोक्ष के बाद पर्वकाल 3. 30 घंटे तक पूजा पाठ, जाप अनुष्ठान दान, सिद्धि पाएं. जब तक चन्द्र उदय होगा, तब तक ग्रहण खत्म हो चुका होगा.

ग्रहण के दौरान कोई महत्वपूर्ण काम ना करें-

– ग्रहण में नाखून, बाल या सब्जी ना काटें.

– भगवान की मूर्ति स्पर्श या पूजा ना करें, बल्कि मंदिर को चादर से ढक दें.

– खाना पीना ना करें, झूठ ना बोलें, तेल ना लगाएं.

– गर्भवती महिलाएं ग्रहण ना देखें.