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लोकायुक्त का फरमान, CM केजरीवाल समेत 68 विधायक दें संपत्ति का ब्योरा, भड़की AAP

लोकायुक्त का फरमान, CM केजरीवाल समेत 68 विधायक दें संपत्ति का ब्योरा, भड़की AAP

लोकायुक्त रेवा खेत्रपाल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित दिल्ली के सभी 68 विधायकों को नोटिस देकर उनकी संपत्ति का ब्योरा मांगा है। लोकायुक्त ने दिल्ली विधानसभा के सचिव के नाम भी नोटिस भेजा है। इसमें कहा गया है कि आप के 64 और भाजपा के चार विधायक नोटिस मिलने के एक सप्ताह के अंदर अपनी संपत्ति का ब्योरा उपलब्ध कराएं। इसमें विधानसभा अध्यक्ष और विधानसभा की उपाध्यक्ष शामिल नहीं हैं।

नोटिस में भाजपा नेता विवेक गर्ग की शिकायत का हवाला दिया गया है, जिसमें विवेक ने AAP के 66 विधायकों की संपत्ति का ब्योरा उपलब्ध कराने की मांग की थी। विवेक ने 9 जनवरी को शिकायत की थी कि AAP के विधायक 2015-16, 16-17 व 17-18 के दौरान की अपनी संपत्ति का ब्योरा दें। इस पर लोकायुक्त ने 10 जनवरी को नोटिस दिया। नोटिस में लोकायुक्त ने स्पष्ट किया है कि आप के विधायकों के बारे में शिकायत मिली थी। मगर भाजपा के चार विधायकों के खिलाफ उन्होंने स्वत: संज्ञान लिया है और सभी को नोटिस जारी किया है।दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने कहा कि सोमवार को वह लोकायुक्त को पत्र लिखकर पूछेंगे कि उन्होंने किस कानून के अनुसार विधायकों से संपत्ति की जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा कि विवेक गर्ग ने जब केवल आप के ही विधायकों की संपत्ति का ब्योरा मांगा था तो यह आवेदन ही रद हो जाना चाहिए था। ऐसा लगता है कि लोकायुक्त ने पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर यह जानकारी मांगी है। एक दिन पूर्व ही सरकार ने उनकी कार में जीपीएस न लगाने के अनुरोध को मानने से मना कर दिया था। अगले ही दिन उन्होंने नोटिस जारी कर दिया। कहीं बदले की भावना से नोटिस देने का आरोप न लगे इसलिए उन्होंने भाजपा के 4 विधायकों को भी नोटिस दिया है।

सरकारी कारों में जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) लगाने के मामले को लेकर दिल्ली सरकार सख्त हो गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह किसी को भी इस व्यवस्था से रियायत नहीं देगी। इसी के तहत सरकार ने लोकायुक्त रेवा खेत्रपाल के उस अनुरोध को भी ठुकरा दिया है जिसमें उन्होंने अपनी कार में जीपीएस न लगाने का अनुरोध किया था। 9 जनवरी को दिल्ली के सामान्य प्रशासन विभाग के मंत्री गोपाल राय ने लोकायुक्त को पत्र भेज दिया है।

दिल्ली सरकार के पास लगातार शिकायतें आ रही थीं कि अधिकारियों को उपलब्ध कराई गई कारों का दुरुपयोग हो रहा है। उनकी कारों को को दूसरे लोग भी इस्तेमाल करते हैं। इस पर पिछले साल सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर निर्देश दिया था कि सभी अपनी कारों की सही जाकारी दें कि कितने घंटे चली है और दिनभर में कहां-कहां गई है। मगर इससे समस्या का हल नही हुआ तो दिल्ली सरकार ने नोटिस जारी किया कि सभी सरकारी कारों में जीपीएस लगाने की व्यवस्था की जाए। जिन कारों में जीपीएस नहीं होगा तो ईंधन नहीं दिया जाएगा। उसके बाद कारों में जीपीएस लगाए जाने का सिलसिला शुरू हुआ। अधिकतर सरकारी कारों में जीपीएस लग चुका है। केवल जजों को इस व्यवस्था ले अलग रखा है। जन शिकायत आयोग की तरफ से भी इस व्यवस्था से छूट की मांग की गई थी।