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कांग्रेस मुख्यालय में हुए घटनाक्रम से पार्टी का असली चेहरा उजागर : जयराम

कांग्रेस मुख्यालय में हुए घटनाक्रम से पार्टी का असली चेहरा उजागर : जयराम

 मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर के पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान हुए खूनी संघर्ष से कांग्रेस की संस्कृति सामने आ गई है। इस घटना से कांग्रेस की कार्यपद्धति उजागर हुई और पार्टी कार्यकर्ताओं के व्यवहार से भी पर्दा उठा है। मुख्यमंत्री ने शिमला में एक कार्यक्रम के दौरान अनौपचारिक बातचीत में कहा कि ऐसी घटनाएं हिमाचल के इतिहास में देखने को नहीं मिलनी चाहिए।

कांग्रेस देशभर में बड़ी-बड़ी बातें व टिप्पणियां कर रही है। लेकिन वीरवार को कांग्रेस मुख्यालय में हुए घटनाक्रम से पार्टी का असली चेहरा सामने आ गया है। अभी यह शुरुआत है। कांग्रेस शुरुआत में ही इस

दौर से गुजर रही है तो आने वाले समय में क्या होगा। विपक्षी पार्टी में किस प्रकार की परिस्थितियां होंगी, इस संबंध में कांग्रेसियों से ही पूछना चाहिए।

ज्वालामुखी की घटनाओं पर भी टिप्पणी करें जयराम : राठौर

कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। राठौर ने पत्रकारों से बातचीत में ज्वालामुखी में वर्ष 1992 व 1997 की घटनाओं को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1992 में जब भाजपा की सरकार थी तो नरेंद्र मोदी उस समय प्रदेश प्रभारी थे। उस दौरान ज्वालामुखी में नरेंद्र मोदी से भी धक्का-मुक्की हुई थी। वर्ष 1997 में भाजपा के संगठनात्मक चुनाव में ज्वालामुखी में शांता व धूमल समर्थकों के बीच विवाद हुआ था। जयराम ज्वालामुखी की घटनाओं पर भी टिप्पणी करें। कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की होती है। ऐसे मामले में कोई व्यक्ति पहले सोचकर नहीं आता है। कांग्रेस के पास कोई फौज या पुलिस नहीं है।

हिमाचल में तुरंत लागू होगा पिछड़े सवर्णों को आरक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को दस फीसद आरक्षण हिमाचल में तुरंत प्रभाव से लागू करेंगे। जैसे ही सभी औपचारिकताएं पूरी होंगी तथा लोक सेवा आयोग व कर्मचारी चयन आयोग से नए पद विज्ञापित होंगे, उनमें यह प्रावधान कर दिया जाएगा।