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एक अनोखी परंपरा निभाने प्रयागराज कुंभ में जाएंगे उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र

त्रिवेंद्र सिंह रावत

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कुंभ से जुड़ी एक अनोखी परंपरा को निभाने 21 जनवरी को प्रयागराज जाएंगे। वे वहां सभी 13 अखाड़ों को हरिद्वार में 2021 में होने वाले महाकुंभ में आने का न्योता देंगे। निमंत्रण देने के लिए मुख्यमंत्री के साथ नगर विकास मंत्री मदन कौशिक और मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह भी जाएंगे।शासकीय प्रवक्ता कौशिक के मुताबिक, मुख्यमंत्री 21 जनवरी को प्रयागराज में अखाड़ा परिषद और 13 अखाड़ों के महामंडलेश्वरों से मिलेंगे और उन्हें हरिद्वार कुंभ में आने का निमंत्रण देंगे। उन्होंने बताया कि यह परंपरा पुरातन काल से चली आ रही है। इसके बाद मुख्यमंत्री बनारस जाएंगे, जहां वे प्रवासी भारतीयों के एक कार्यक्रम में शामिल होंगे।कौशिक ने बताया कि कुंभ से जुड़ी यह रीत पुराने समय से चली आ रही है। इस रीत के अनुसार, जहां अगला कुंभ प्रस्तावित होता है, वह प्रदेश (प्रदेश का मुखिया) कुंभ में जुटने वाले अखाड़ों और अखाड़ा परिषद को निमंत्रण देता है। प्रयाग के बाद हरिद्वार में कुंभ का आयोजन होना है। प्रदेश सरकार ने 2021 में होने वाले इस कुंभ की तैयारी शुरू कर दी है। चूंकि प्रयाग कुंभ में देश भर के साधु, संत, महात्मा और अखाड़े शामिल हो रहे हैं। यही वह अवसर है, जब प्रदेश सरकार की ओर से उन्हें हरिद्वार महाकुंभ में आने का निमंत्रण दिया जाएगा।हरिद्वार में महाकुंभ का आयोजन ग्रहों की दशा के हिसाब से विद्वत परिषद करती है। इस योग के अनुसार, जब मेष राशि में सूर्य तथा कुंभ राशि में बृहस्पति रहते हैं, तो हरिद्वार में महाकुंभ का आयोजन होता है। हालांकि कई लोग इसे 2022 में आयोजित करने के पक्ष में रहे, लेकिन 2022 में बृहस्पति कुंभ राशि में नहीं रहेंगे। जानकारों के मुताबिक सटीक योग 2021 में ही बन रहा है।प्रदेश सरकार कुंभ मेले के आयोजन की तैयारी में अभी से जुट गई है। मेले के आयोजन से पूर्व सरकार घाटों और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दो प्रमुख मॉडल पर कार्य करेगी। हरिद्वार कुंभ क्षेत्र के घाटों को बनारस मॉडल पर तैयार किया जा रहा है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अमृतसर स्वर्ण मंदिर के मॉडल का अध्ययन हो रहा है।