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कुर्द लड़ाकों पर हमला हुआ तो तुर्की को आर्थिक रूप से तबाह कर देंगे: डोनाल्ड ट्रंप

कुर्द लड़ाकों पर हमला हुआ तो तुर्की को आर्थिक रूप से तबाह कर देंगे: डोनाल्ड ट्रंप

अगर नाटो के सहयोगी देशों ने सीरिया से अमेरिकी बलों की वापसी के बाद कुर्द लड़ाकों पर हमला किया तो तुर्की को आर्थिक तबाही का सामना करना पड़ेगा। यह चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी है। इसका मुंहतोड़ जवाब देते हुए तुर्की ने कहा कि वह आतंकवादियों के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगा।

बता दें कि ट्रंप ने पिछले महीने सीरिया से 2000 अमेरिकी सैनिक वापस बुलाने की घोषणा कर सबको चौंका दिया था। वापसी की यह प्रक्रिया पिछले सप्ताह शुरू भी हो गई। अमेरिकी सैनिकों की वापसी से अमेरिका के कुर्द सहयोगियों पर तुर्की के हमले का खतरा बढ़ गया है। तुर्की कुर्द बलों को आतंकवादियों के रूप में देखता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने रविवार को अपने ट्वीट में कहा था, ‘सीरिया से सैनिकों की लंबित वापसी शुरू कर आइएसआइएस के छिटपुट बचे ठिकानों पर हमलों का सिलसिला जारी रहेगा। आइएसआइएस के पकड़ मजबूत करने की कोशिश पर नजदीकी सैन्य ठिकानों से उसे निशाना बनाया जाएगा।’

ट्रंप ने दूसरे एक सख्त ट्वीट में कहा, ‘कुर्द बलों पर हमला करने पर तुर्की को आर्थिक रूप से तबाह कर देंगे। हालांकि हम यह भी नहीं चाहते हैं कि कुर्द तुर्की को उकसाए।’ ट्रंप का यह ट्वीट उस क्षेत्र के उन सहयोगियों के लिए एक चेतावनी है, जिन्होंने आइएसआइएस के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका का साथ दिया था।

ट्रंप की इस चेतावनी का करारा जवाब देते हुए तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन के प्रवक्ता इब्राहिम कलिन ने ट्वीट किया कि इस्लामिक स्टेट और कुर्द पीपुल्स प्रोटेक्शन यूनिट (वाईपीजी) लड़ाकों के बीच कोई अंतर नहीं है। कलिन ने ट्वीट किया, ‘डोनाल्ड ट्रंप, आतंकवादी आपके साझेदार और सहयोगी नहीं हो सकते।

तुर्की उम्मीद करता है कि अमेरिका हमारी रणनीतिक साझेदारी का सम्मान करे। तुर्की आतंकवादियों के खिलाफ लड़ रहा है न कि कुर्दो के खिलाफ। हम सभी तरह की आतंकवादी धमकियों से कुर्द और अन्य सीरियाई जनता की पूरी तरह सुरक्षा करेंगे।’