उत्तर प्रदेश देश होम

आतंक के खिलाफ मदरसे में महापंचायत, यूपी का यह गांव है अवैध हथियारों के लिए बदनाम

मदरसे में महापंचायत

मेरठ में किठौर थाना क्षेत्र के राधना गांव में एनआईए की कार्रवाई के बाद लोगों में जागरूकता आई है। रविवार को गांव में स्थित मदरसे में अवैध धंधे से जुडे़ लोगों के खिलाफ कई गांवों के लोगों की महापंचायत आयोजित की गई। जिमसें उलमा-ए-दीन भी शामिल हुए। पंचायत में मौजूद लोगों ने असामाजिक तत्वों का सामाजिक बहिष्कार करने की शपथ ली।एनआईए की छापेमारी से बदनाम हुए राधना गांव में ही स्थित इस्लामिया मदरसे में हथियार तस्करी, गोकशी, जुआ, सट्टा या कोई अन्य गलत काम के विरोध को लेकर महापंचायत हुई।जमीयत उलमा मेरठ के जिला सदर मौलाना अमीर आलम ने पंचायत में कहा कि इस्लाम आपसी सौहार्द और अमन का पैगाम देता है। फिर मजहब-ए-इस्लाम और सच्चे मुसलमान से किसी भी कौम और बिरादरी को नुकसान नहीं पहुंच सकता।उन्होंने महापंचायत में मौजूद लोगों को अवैध धंधा करने वालों का सामाजिक बहिष्कार करने की शपथ दिलाई। राधना के पूर्व ग्राम प्रधान अब्दुल जब्बार ने कहा कि गांव में पल रहे आपराधिक प्रवृत्ति के कुछ लोगों ने देश भर में गांव की बदनामी करा दी है। राधना की पहचान न सिर्फ मेरठ बल्कि पूरे देश में हथियार तस्करों के नाम से होती जा रही है।कुछ आपराधिक छवि के लोगों की वजह से पहले दूसरे राज्यों और जिलों की पुलिस भी अवैध हथियारों, कारीगरों और तस्करों की तलाश में दबिश देती रही है। लेकिन किसी भी ग्रामीण ने कोई आवाज नहीं उठाई। जिसके चलते राधना अब एनआईए के रडार पर आ गया है।इस बैठक में पूर्व प्रधान उमर अली, विरेंद्र चेयरमैन, प्रधानाचार्य ओमवीर, मौलाना जुनैद, मुफ्ती सद्दाम, मौलवी अब्दुल्ला ने विचार व्यक्त किए। लोगों ने अमन शांति कायम रखने और असामाजिक तत्वों के विरोध पर जोर दिया। इस दौरान बहरोड़ा, इंद्रपुरा, भगवानपुर, नवल, ललियाना, शौंदत और किठौर के सैकड़ों लोग शामिल रहे।मदरसे में महापंचायत के होने की जानकारी मिली है। गण्यमान्य लोगों और ग्रामीणों का यह सराहनीय कदम है। हर गांव की अपनी छवि होती है। शरारती तत्वों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कुछ चुनिंदा असामाजिक लोग गांव को बदनाम कर रहे हैं। – राजेश कुमार, एसपी देहात मेरठ