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कृत्रिम फेफड़े तीसरे दिन ही हुआ मटमैला, राजधानी में प्रदूषण की स्थिति गंभीर

कृत्रिम फेफड़े तीसरे दिन ही हुआ मटमैला, राजधानी में प्रदूषण की स्थिति गंभीर

हवा में मौजूद प्रदूषण हमारे फेफड़ों को किस हद तक नुकसान पहुंचा रहा है, इसे आमजन को समझाने के लिए तीन दिन पहले लालबाग के झंडी पार्क में लगाया गया कृत्रिम फेफड़ा शनिवार को मटमैला हो गया। पहले 24 घंटों में ही कृत्रिम फेफड़ा सफेद से धुंधला हो गया, जबकि शनिवार को तीसरे दिन पूरी तरह मटमैले हो गया।

राजधानी के साथ-साथ प्रदेशभर में वायु प्रदूषण की स्थिति काफी गंभीर है। शनिवार को जारी एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) बुलेटिन के अनुसार नोएडा (441) देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। गाजियाबाद (437), ग्रेटर नोएडा (425), कानपुर (418) की भी स्थिति खराब रही। यही नहीं, बुलंदशहर, बागपत व हापुड़ में भी एक्यूआइ 400 से अधिक दर्ज हुआ। वहीं, राजधानी लखनऊ में एक्यूआइ बढ़कर 330 यूनिट पहुंच गया।

अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित जागरूकता अभियान के अंतर्गत क्लाइमेट एजेंडा द्वारा लालबाग स्थित सुदर्शन पार्क में चित्रकारी प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों और विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।प्रज्ञा इंटरनेशनल के निदेशक प्रमिल द्विवेदी ने कहा कि वायु प्रदूषण देशव्यापी समस्या बन चुका है। इससे निपटने के लिए जरूरी है कि सभी समुदाय, व्यवसाय, वर्ग और धर्म के लोग एकजुट होकर प्रयास करें।क्लाइमेट एजेंडा की निदेशक एकता शेखर ने कहा कि महज दो दिनों में कृत्रिम फेफड़ों का मटमैला होना  बताता है कि दूषित हवा जनस्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा हैं। कार्यक्रम का संचालन सौ प्रतिशत उत्तर प्रदेश अभियान की सचिवालय प्रबंधक सानिया अनवर ने किया।