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आलोक वर्मा को हटाने का JDU ने किया समर्थन, कहा-बहुमत के आधार पर हटाया गया

सीबीआई से आलोक वर्मा को हटाए जाने का जेडीयू ने समर्थन किया है. जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि आलोक वर्मा को हाई अथॉरिटी ने बहुमत के आधार पर हटाया है. अगर उन्हें हटाया गया है, तो सोच-समझ कर ही हटाया गया होगा.

जेडीयू नेता ने कहा कि आलोक वर्मा को कोर्ट ने भी कोई भी नीतिगत फैसला लेने से मना किया था. कांग्रेस के आरोप का जवाब देते हुए राजीव रंजन ने कहा कि कांग्रेस का आरोप बेबुनियाद है.

बताते चलें कि गुरुवार को सीबीआई के प्रमुख आलोक वर्मा को पद से हटा दिया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और जस्टिस एके सीकरी की सदस्‍यता वाली उच्चाधिकार प्राप्त सलेक्‍शन कमिटी में यह फैसला लिया गया. यह बैठक पीएम मोदी के आवास पर करीब ढाई घंटे तक चली. सूत्रों ने बताया कि आलोक वर्मा को हटाने का फैसला 2-1 से लिया गया. पीएम मोदी और जस्टिस सीकरी ने उन्‍हें हटाने पर मुहर लगाई जबकि खड़गे ने आलोक वर्मा को हटाने का कड़ा विरोध किया.

आलोक वर्मा की गैरमौजूदगी में एम नागेश्‍वर राव सीबीआई की जिम्‍मेदारी संभालेंगे. इसके साथ ही आलोक वर्मा के खिलाफ सीवीसी की जांच भी जारी रहेगी.इस बीच, सीबीआई के पूर्व निदेशक आलोक वर्मा ने फायर एंड सेफ्टी के डीजी के तौर पर नई जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया है. आलोक वर्मा ने अपने त्यागपत्र में लिखा, ‘मेरा कार्यकाल 31 दिसंबर 2017 तक ही था जिसे सीबीआई निदेशक के तौर पर 31 दिसंबर 2019 तक बढ़ाया गया था. तो अब जब मैं सीबीआई के निदेशक के तौर पर काम नहीं कर रहा हूं और अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेंस एंड होमगार्ड के डीजी के पद पर बने की उम्र पहले ही पूरा कर चुका हूं, इसलिए मुझे आज से ही रिटायर्ड माना जाए.