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इक्यावन फीसदी के हकदार सवर्णों को भाजपा ने दस फीसदी आरक्षण पर रोक दिया: सौरभ भारद्वाज

सौरभ भारद्वाज

आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि अभी तक केवल 49.50 फीसदी का आरक्षण अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के लिए हुआ करता था। इससे बाकी की 51 फीसदी सीटों पर सामान्य वर्ग के बच्चे प्रतियोगिता किया करते थे। लेकिन भाजपा ने उन्हें दस फीसदी आरक्षण का लॉलीपॉप देकर इसी में सीमित कर दिया। आप नेता ने इसे भाजपा की आरक्षण खत्म करने की साजिश भी बताया। आप नेता भारद्वाज ने कहा कि सवर्णों को दस फीसदी आरक्षण देने का मामला केवल एक छलावा है। भारतीय जनता पार्टी 51% सीटों पर प्रतियोगिता कर रहे सवर्णों को 10% आरक्षण में उलझाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि आरएसएस आरक्षण खत्म करना चाहती है। कई बार इस तरह की बातें आरएसएस के लोग करते रहे हैं। सरकार का यह फैसला भी उसी दिशा में पहला कदम है। इसका मकसद सवर्णों को 10% आरक्षण देना नहीं, बल्कि आरक्षण समाप्त करना है।

आरक्षण विरोधी अभियान को भाजपा का समर्थन

पूर्वी दिल्ली से आप की लोकसभा प्रभारी आतिशी मार्लेना ने कहा कि पूरे देश में जहां कहीं भी आरक्षण के विरोध में आवाज उठी थी, भाजपा और आरएसएस उसका समर्थन करती आई थी। ऐसे में यह समझना बहुत महत्त्वपूर्ण है कि भाजपा ने अचानक सवर्णों के लिए आरक्षण देने का कानून लेकर क्यों आ गई। उन्होंने कहा कि ऐसा हो सकता है कि कल भाजपा जातिगत आरक्षण को खत्म कर सिर्फ आर्थिक आधार पर आरक्षण देने लगे, ऐसे में समाज के हासिये पर रह रहे लोगों को भारी नुकसान होगा।

आतिशी ने कहा कि हमें कई सूत्रों के हवाले से पता चला है कि यह भाजपा और आरएसएस का साझा षड्यंत्र है। भाजपा-आरएसएस जातिगत आरक्षण को समाप्त करना चाहती है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी भाजपा की इस कोशिश का विरोध करेगी।