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लखनऊ: सवर्ण आरक्षण से युवाओं में खुशी की लहर, दे रहे ये रोचक दलीलें

आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने का बिल लोकसभा और राज्यसभा से पास होने के बाद युवाओं में खुशी की लहर है. युवाओं का कहना है कि अब उनको भी सब जगह बराबरी का दर्जा मिलेगा. युवाओं ने यह भी कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए. छात्र आदित्य कहते हैं कि जनरल कैटेगरी को इससे बहुत फायदा मिलेगा. उन्हें भी अब मौका होगा कि वह अपनी काबिलियत दिखा सकें. ये पूरे देश को एक प्लेटफार्म पर लाकर खड़ा करेगा.प्रणय कहते हैं कि पहले आरक्षण जातिवाद बढ़ता था, अब​ आर्थिक रूप से पिछड़ों को मौका मिला है, ये अच्छी बात है. हमें बेहद खुशी हो.  वहीं सौरभ कहते हैं कि पहले हम बैंक के फॉर्म भरते थे तो जनरल के फॉर्म 600 रुपए के होते थे, जबकि आरक्षित वर्ग के 100 रुपए के मिलते थे. वहीं कट आफ आती थी तो उसमें भी आरिक्षत वर्ग को वेटेज मिलती थी. अब ये आर्थिक आधार पर जनरल कैटेगरी को आरक्षण मिलने से देश में समानता बढ़ेगी और सभी को मौका मिलेगा.जूही शुक्ला कहती हैं कि इस निर्णय को राजनीति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए. वह इस निर्णय से काफी खुश हैं, अब नौकरी के साथ पढ़ाई में भी सबको मौका मिलेगा. इसे लोकसभा चुनाव से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.

अनुराधा सिंह कहती हैं कि फार्म भरने से लेकर हर जगह अब जनरल कैटेगरी को भी फायदा मिलेगा. हम इस व्यवस्था से काफी खुश हैं. कुछ यही राय मेघना की भी रही. उन्होंने कहा कि मैं खुद जनरल कास्ट की हूं. हमें भी पढ़ना है, हमें भी जॉब चाहिए. अब हमें भी मौका मिलेगा.दिव्या कहती हैं कि मैं स्टूडेंट हूं. मुझे अपना भविष्य भी देखना है. इस निर्णय से तैयारी करने वाले छात्रों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी. ऐसे तमाम लोग हैं, जो आर्थिक कारणों से आगे की तैयारी नहीं कर पाते थे.
हर्षिता गुप्ता कहती हैं कि हमने जब 12वीं पास की थी, तब जनरल कैटेगरी वाले छात्र अच्छे माक्र्स लाने के बाद भी हायर एजूकेशन के लिए संस्थानों में जगह नहीं पा सके थे. अब ऐसा नहीं होगा. वहीं ऋषभ त्रिपाठी कहते हैं कि अभी जल्दबाजी होगी. हमें ये देखना है कि क्या ये राजनीति से प्रेरित कदम है, या सही में वह होगा, जो दावा किया जा रहा है. आरक्षण का लाभ सबको मिलना चाहिए.