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लखनऊ में ताबड़तोड़ फायरिंग कर कारोबारी की हत्या, दो संदिग्ध हिरासत में

ट्रॉमा सेंटर में बिलखते परिजन, पत्नी के साथ अमनप्रीत की फाइल फोटो

लखनऊ के आलमबाग के चंदर नगर निवासी अमनप्रीत सिंह (29) की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के वक्त व्यापारी दुकान बंदकर घर जाने की तैयारी कर रहा था। जिस वक्त हत्यारों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की, उस वक्त वह अपनी बुलेट के पास खड़ा था। इसी बीच तीन बदमाश पैदल पहुंचे और उसे निशाना बनाकर गोलियां चला दीं।

एक गोली उसके कनपटी के दाहिने तरफ लगी और आरपार हो गई। गोली चलने की आवाज सुनकर बाजार में अफरा-तफरी मच गई। कारोबारी को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस मामले को रुपये से लेनदेन से जोड़कर देख रही है। इस मामले में तीन नाम सामने आए हैं। जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। पुलिस ने दो संदिग्ध लोगों को हिरासत में ले लिया है।

आलमबाग के चंदरनगर निवासी अमनप्रीत की मार्केट में अविराज के नाम से रेडीमेड गारमेंट की दुकान है। अमनप्रीत बुधवार रात करीब 10.30 बजे दुकान बंद कर घर जाने की तैयारी कर रहा था। उसके साथ नौकर सागर और सनी उर्फ बाबू था। क्षेत्राधिकारी आलमबाग संजीव सिन्हा के मुताबिक, दोनों नौकरों ने पाली, सोनू और राजू पर फायरिंग करने का आरोप लगाया है।

उधर, आलमबाग में हत्या की सूचना मिलते ही राजधानी के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर एडीजी राजीव कृष्ण, आईजी एसके भगत, एसएसपी कलानिधि नैथानी पहुंचे। तीनों मौका मुआयना करने के बाद ट्रॉमा सेंटर गए। वहां परिवारीजनों से बातचीत कर हत्या के कारण के बारे जानकारी हासिल की।अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सर्वेश मिश्रा के मुताबिक व्यापारी की हत्या के मामले में कई बिंदु सामने आ रहे हैं। मृतक का नाम शराब तस्करी से भी जुड़ा था। वह सूद का भी काम करता था। इसके अलावा कई अन्य बिंदुओं पर जांच की जा रही है। देर रात तक तहरीर नहीं मिली थी। कुछ लोगों पर आरोप लगाया जा रहा था। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सीओ के मुताबिक अमनप्रीत सिंह सूद पर रुपये देता था। उसने पाली नाम के एक व्यक्ति को 20 लाख रुपये दिए था। पाली यह रकम वापस नहीं दे रहा था। इसी बात पर दोनों के बीच कई दिनों से कहासुनी चल रही थी। बुधवार दोपहर को भी पाली और अमनप्रीत के बीच कहासुनी हुई।

रुपये न देने पर अमनप्रीत ने पाली की एसयूवी रखवा ली। यह बात पाली को नागवार गुजरी। वह चला तो गया लेकिन रात नौ बजे राजू और सोनू के साथ आया और धमकी देकर चला गया। नौकरों के मुताबिक, वे तीनों दोबारा आए और हत्या कर भाग निकले।सीओ के मुताबिक, वारदात स्थल के आसपास के घरों व दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। कुछ स्थानों पर बाइक सवार युवक दिखे हैं, जो गोली चलाने वाले जैसे ही दिख रहे थे। रात होने के कारण तस्वीर कुछ साफ नहीं है। तस्वीर डेवलप करने के लिए लैब भेजी जाएगी। कई स्थानों पर दबिश दी जा रही है।क्षेत्राधिकारी संजीव कुमार सिन्हा के मुताबिक अमनप्रीत चार साल पहले कृष्णानगर थाने से शराब तस्करी के मामले में जेल भी जा चुका है। इसके अलावा 26 अगस्त 2015 में आलमबाग इलाके में उस पर हमला भी हुआ था। उस समय भी रुपये के लेनदेन को लेकर जुगुन वालिया ने गोली चलाई थी। इस मामले में जुगुन वालिया को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

हत्या की पड़ताल के दौरान पुलिस ने बताया कि दुकान पर उसके पिता परमजीत सिंह भी थे। रात करीब दस बजे अमनप्रीत ने पिता से कहा कि आप घर चलिए मटन बनवाइए मैं आ रहा हूं। इसके बाद पिता वहां से निकल गये। उसने नौकर से दुकान बंद कराई और अपनी बुलेट साफ कराई। इसके बाद बाहर खड़ा था। इसी बीच पाली, राजू और सोनू वहां पहुंचे और बिना कुछ कहे ही गोली चला दी।

एक महीने पहले ही शिफ्ट की थी दुकान
नौकर सागर के मुताबिक ,अमनप्रीत की दुकान चंदरनगर बाजार में ही दूसरी जगह थी। मेट्रो स्टेशन बनने के कारण वहां पर दुकानदारी सही से नहीं हो पा रही थी। इसीलिए नई दुकान ली। एक महीने पहले ही उसने नई दुकान में शिफ्ट किया। परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी हैं।