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कश्मीर में हम शांति चाहते हैं, आतंकी आते रहेंगे और हम मारते रहेंगे: सेना प्रमुख

Army Chief Bipin Rawat

सेना प्रमुख बिपिन रावत ने गुरुवार को सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय सेना हर तरह से मुस्तैद है, हमने चीन और पाकिस्तान दोनों फ्रंटों पर काफी अच्छा काम किया है. उन्होंने कहा कि हम नरम और सख्त दोनों पहलुओं को लेकर चल रहे हैं. रावत ने यहां सेना से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर बयान दिया. उन्होंने कहा कि चीन और पाकिस्तान के मसले को हमने अच्छी तरह से संभाला है.

सेना प्रमुख ने कहा कि जबकि जम्मू-कश्मीर में स्थिति को अभी और भी सुधारा जा सकता है. कश्मीर मसले पर उन्होंने कहा कि हम वहां आम लोगों को निशाना नहीं बनाते हैं लेकिन हम ये भी जानते हैं कि उस जमीन पर आतंकी मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि वहां कितने आतंकी मारे गए इससे सफलता तय नहीं होती है. जब भी आतंकी मरता है तो वहां के लोग उनकी तारीफ करते हैं और उनके हक में खड़े होते हैं. आर्मी चीफ ने कहा कि कश्मीर में हिंसा होती रहेगी, अगर आतंकी मरेंगे तो नए आतंकी आएंगे. हमें इसे ही रोकना है क्योंकि हम कश्मीर में शांति चाहते हैं.

सीजफायर पर उन्होंने कहा कि अगर कोई बॉर्डर पर आता है तो तुरंत फायरिंग शुरू हो जाती है, यही कारण है कि सीजफायर की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं. इसके अलावा सेना प्रमुख ने कहा कि जब हमारे जवान माइन्ड एरिया में जाते थे तो काफी नुकसान होता था, इसलिए हम अब वहां पर ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं.

सोशल मीडिया के मसले पर उन्होंने फिर अपनी पुरानी बात दोहराई. बिपिन रावत बोले कि आप सोशल मीडिया को बैन नहीं कर सकते हैं, हमने कुछ चीजों को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी है. हमने सभी जवानों को चेतावनी दी है कि कोई किसी चीज में ट्रैप ना हो पाए, अगर कोई शिकायत दर्ज नहीं कराता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी.

इस दौरान उन्होंने कहा कि कुछ जवानों को फिल्म स्टार के नाम से अकाउंट चलाकर सोशल मीडिया पर हनी ट्रैप किया जाता है. अफगानिस्तान के मसले पर सेना प्रमुख ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि अगर अफगानिस्तान में हमारा कोई हित नहीं है तो हमें वहां नहीं रहना चाहिए. लेकिन अफगानिस्तान में हमारा हित है, इसलिए अगर कोई तीसरा व्यक्ति कुछ बात करना चाहता है तो हमें इससे अलग नहीं रख सकता है.

सेना में लागू नहीं होगा LGBT

सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा कि वह सेना में LGBT को लागू नहीं होनें देंगे. उन्होंने कहा कि सेना के अपने कुछ नियम हैं. यही कारण है कि समलैंगिकता को हम सेना में लागू नहीं होने देंगे. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने LGBT को देश में वैध घोषित किया है.