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उत्तरायणी मेले में सजीं दुल्हनें, लोक कलाकारों ने बांधा समां

उत्तरायणी मेले में सजीं दुल्हनें, लोक कलाकारों ने बांधा समां

हल्द्वानी: पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच हीरानगर में आयोजित किए जा रहे उत्तरायणी मेले के दूसरे दिन बुधवार को महापौर डॉ. जोगेंद्र पाल सिंह रौतेला व कांग्रेस नेता प्रयाग भट्ट ने मेले का विधिवत उद्घाटन किया। बड़ी संख्या में लोगों ने मेले में स्थानीय उत्पादों की खरीदारी की। इस मौके पर जूनियर वर्ग की दुल्हन सजाओ और लोकगीत प्रतियोगिता कराई गई। सांस्कृतिक संध्या में गायक महिपाल मेहता और पवन कार्की ने लोकगीत सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

बुधवार को उत्तरायणी मेले की शाम लोक गायन के नाम रही। महिपाल सिंह मेहता ने मेरी घरवाली त्यार-म्यार झगड़ पिनाऊं पातक पाणी.गीत सुनाकर पति-पत्नी की मीठी नोकझोंक को लोकगीत के माध्यम से बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया। इसके अलावा तिलगा तेरी लंबी लटि.सहित अन्य गीत सुनाए। पवन कार्की ने कैले बाजी मुरूली.पहाड़ो ठंडो पाणी.सहित अन्य गीतों की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को अपने साथ लोक संस्कृति की यात्रा करवाई। स्थानीय कलाकारों ने लोकनृत्यों के जरिये अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अनन्या व रेशमा ने जीता पुरस्कार

जूनियर वर्ग की दुल्हन सजाओ प्रतियोगिता में अनन्या राना प्रथम, शिविका चुफाल द्वितीय व तेजस्वी कोठारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। लोकगीत प्रतियोगिता में रेशमा बिष्ट प्रथम, आरोही आर्य द्वितीय और दृश्या पंत तीसरे स्थान पर रही। प्रतियोगिता का संचालन मुकेश शर्मा, योगेश अधिकारी ने किया। कोरंगा ने सुनाए कुमाऊंनी गीत

हल्द्वानी: प्रेरणा समिति की ओर से कमलुवागांजा में आयोजित किए जा रहे उत्तरायणी कौतिक म्यार पहाड़ों म्यार संस्कृति मेले के चौथे दिन बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। साथ ही रागिनी विकास कला समिति के कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। धीरज कोरंगा ने कुमाऊंनी और नेपाली लोकगीत सुनाए।