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जनरल कोटा: लोकसभा में पास, मोदी सरकार आज राज्यसभा में करेगी पेश

सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को नौकरियों और शिक्षा में 10% आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में पेश किया और आसानी से पास भी करा लिया। सदन में मौजूद 326 सांसदों में से 323 ने समर्थन में वोट दिए, जबकि 3 ने विरोध में। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। मोदी सरकार आज इसे राज्यसभा में पेश करेगी।कांग्रेस आदि कुछ दलों ने बिल को जल्दबाजी में की गई कवायद बताया हालांकि आम चुनाव सामने देख विरोध करने से बचे। कांग्रेस ने बिल को सिलेक्ट कमिटी में भेजे जाने की मांग की। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बिल को लेकर उठाई जा रही आशंकाओं का जवाब देते हुए भरोसा जताया कि यह कोर्ट की कसौटी पर भी खरा उतरेगा।उन्होंने कहा कि अब तक सरकारों ने अधिसूचना या सामान्य कानून से आरक्षण बढ़ाया था, इसी वजह से अदालतों ने खारिज कर दिया था। लेकिन इस बार संविधान में संशोधन करके यह आरक्षण दिया जा रहा है, इसलिए यह अदालत की कसौटी पर खरा उतरेगा। बिल की डिटेल्स से पता चला है कि कानून बनने पर सरकारी शिक्षण संस्थानों के साथ प्राइवेट कॉलेजों में भी आरक्षण मिल सकेगा। जेटली ने कहा कि यह आरक्षण संविधान संशोधन करके दिया जा रहा है इसलिए अदालत की परीक्षा में फेल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अधिकतर राजनीतिक दलों ने अपने घोषणापत्रों में अनारक्षित और आर्थिक रूप से पिछड़ों को आरक्षण दिलाने का जुमला डाला था। लेकिन कानूनी अड़चनों की वजह से ऐसा हो नहीं सका। यह बात केवल घोषणापत्र तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। कानून बनना चाहिए। जेटली ने कहा कि आज कांग्रेस की परीक्षा है। अगर आप सभी इसका विरोध नहीं कर रहे हैं तो खुलकर समर्थन करिए। लोकसभा में जब बिल पेश होते ही एसपी के सदस्य आपत्ति दर्ज कराते हुए अपनी बात कहने की मांग करने लगे लेकिन स्पीकर ने उनकी मांग खारिज कर दी। कांग्रेस पहले ही इस बिल का सपॉर्ट करने की बात कह चुकी है, वहीं मंगलवार को एसपी-बीएसपी ने भी समर्थन का ऐलान किया। बीएसपी चीफ मायावती ने मांग की कि एससी, एसटी और ओबीसी के रिजर्वेशन का दायरा बढ़ाया जाए। एसपी नेता रामगोपाल यादव ने भी ओबीसी वर्ग की बढ़ती आबादी के अनुसार 54 फीसदी कोटा देने की मांग रखी।