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जेल में पहली रात करवटें बदलते रहे स्टिंग ऑपरेशन में फंसे मंत्रियों के तीनों निजी सचिव

जेल में पहली रात करवटें बदलते रहे स्टिंग ऑपरेशन में फंसे मंत्रियों के तीनों निजी सचिव

पिछले दिनों स्टिंग ऑपरेशन में फंसे तीन मंत्रियों के निजी सचिवों को गिरफ्तार जेल भेजा दिया गया। जेल सूत्रों के मुताबिक तीनों निजी सचिवों को जेल में पहली रात बहुत कठिनाई से गुजरी। उन्हें जेल के रूटीन के अनुसार शनिवार को उन्हें भोजन आदि दिया गया। रविवार सुबह जो बंदियों को नाश्ता दिया जाता है वो दिया गया। जेल में तीनों निजी सचिव रातभर करवटे बदलते रहे उन्हें नींद नहीं आयी। ध्यान रहे कि निजी सचिवों के खिलाफ उनके घर पर ही भ्रष्टाचार के अहम सुबूत मिले थे। एसआइटी प्रभारी राजीव कृष्णा के मुताबिक गत 30 दिसंबर को तीनों निजी सचिवों के घर पर छापा मारा गया था। हालांकि तीनों आरोपित वहां नहीं मिले। करीब छह घंटे तक तलाशी के दौरान मिले दस्तावेज भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहे थे। फिलहाल इस प्रकरण में कई बड़ी मछलियों के फंसती की संभावना नजर आ रही है। एडीजी ने बताया कि एसआइटी जांच के बाद से टीम में एएसपी पूर्वी, एसपी विजिलेंस, एएसपी क्राइम और सीओ हजरतगंज को शामिल किया गया था। टीम ने साक्ष्य जुटाए और दिल्ली में कुछ लोगों के बयान दर्ज किए। इनमें स्टिंग आपरेशन करने वाले शामिल थे। सूत्रों का कहना है कि एसआइटी को आरोपितों के आय से अधिक संपत्ति के साक्ष्य भी मिले हैं।एडीजी जोन ने बताया कि पूरे मामले की जांच जारी है। स्टिंग का वीडियो और ऑडियो कब्जे में लिया गया है, जिसकी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। इस प्रकरण में कई बड़ी मछलियों की गर्दन फंसती नजर आ रही है। एसआइटी का कहना है कि आरोपितों के साथ भ्रष्टाचार में कौन-कौन सरकारी कर्मचारी या अधिकारी शामिल थे, उनका ब्योरा भी जुटाया जा रहा है। साक्ष्य संकलन कर अन्य लोगों के नाम भी मुकदमे में बढ़ाए जाएंगे और उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।एसआइटी ने इस बाबत भी जांच की है कि सचिवालय में कैसे बाहरी लोग प्रवेश कर जाते हैं। बताया जा रहा है कि जांच रिपोर्ट में सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। नियमों के विपरित लोगों को सचिवालय में प्रवेश दिलाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की बात कही गई है।एसआइटी के मुताबिक आरोपितों के खातों की जांच की जाएगी। किसके पास कितने खाते हैं और उनके कितने रुपये हैं, इसका ब्योरा निकलवाया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि एसआइटी आय से अधिक संपत्ति मिलने पर खाते सीज कराने की कार्रवाई भी कर सकती है। आरोपितों के खिलाफ एसआइटी को अहम दस्तावेज मिले हैं।