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हमारी सरकार आई तो राफेल सौदे की जांच होगी, जिम्मेदार लोगों को मिलेगी सजा: राहुल गांधी

rahul gandhi

लोकसभा में शुक्रवार को राफेल विमान सौदे के मुद्दे पर जोरदार चर्चा हुई। कांग्रेस के आरोपों का रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने विस्तार से जवाब दिया। वहीं, राहुल गांधी ने भी इसे लेकर मोदी सरकार और पीएम को घेरा। उन्होंने कहा कि अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाया गया। राहुल ने आरोप लगाया कि पुराने कांट्रैक्ट को बदलकर नया कांट्रैक्ट बनाया गया। नए कांट्रैक्स में एचएएल को हटाकर अनिल अंबानी को लाया गया। अनिल अंबानी को लाने का फैसला किसने लिया? फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति ओलांद ने कहा था कि यह मोदी जी ने किया। यूपीए के समय में राफेल का दाम 526 करोड़ था, आपके शासन में 1600 करोड़ रुपये कैसे हो गया? उन्होंने कहा कि यूपीए की सरकार आने पर राफेल सौदे की जांच करवाई जाएगी। राहुल ने कहा कि 2019 में उनकी पार्टी की सरकार बनने पर इस मामले की आपराधिक जांच होगी और जिम्मेदार लोगों को सजा दी जाएगी। राहुल ने यह भी दावा किया कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में उनके सवाल का जवाब देने की बजाय ड्रामा करने लगीं। राफेल मामले पर लोकसभा में चर्चा का रक्षा मंत्री द्वारा जवाब देने के बाद गांधी ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि रक्षा मंत्री ने अपने ढाई घंटे के भाषण में विमान की कीमत पर जवाब नहीं दिया, अनिल अंबानी का नाम तक नहीं लिया।

उन्होंने कहा, ‘मैंने उनसे सवाल किया कि क्या रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों और सौदे की बातचीत में शामिल लोगों ने आपत्ति जताई थी? उन्होंने इसका जवाब देने की बजाय ड्रामा शुरू कर दिया।देश के युवाओं, आपको गुमराह किया जा रहा है। नरेंद्र मोदी संसद नहीं आते हैं और रक्षा मंत्री सवाल का जवाब देने की बजाय बाहर चली गईं। युवाओं, किसानों देख लो। प्रधानमंत्री जी ने 30 हजार करोड़ रुपये अनिल अंबानी को दिलवाए। चर्चा के समय प्रधानमंत्री संसद में नहीं थे। वह राफेल पर चर्चा से भाग गए।

जेटली पर भी बरसे राहुल

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अरुण जेटली ने लंबा भाषण दिया, मुझे गाली दी। लेकिन जो सवाल हैं उनका जवाब नहीं दिया।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘ विमान की कीमत को 526 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1600 करोड़ रुपये किया गया। यह किसने बढ़ाया? क्या वायुसेना ने बढ़ाया या प्रधानमंत्री ने बढ़ाया? क्या वायुसेना ने 126 विमान मांगे थे या 36 विमान मांगे थे? अनिल अंबानी को अनुबंध किसने दिलवाया? फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने कहा कि मोदी जी के कहने पर अनिल अंबानी को अनुबंध दिया? क्या नए सौदे को लेकर रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों को आपत्ति थी?

उन्होंने कहा, आशा है कि रक्षा मंत्री इसका जवाब देंगी। लेकिन मैं आपको बता सकता हूं कि वो उन सवालों का जवाब नहीं देंगी। यह मेरा संदेह है। उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश में कहीं नहीं कहा है कि जांच नहीं होनी चाहिए। अगर 2019 में हमारी सरकार बनती है तो आने पर इसकी आपराधिक जांच होगी और जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाएगा। इस मामले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच होनी चाहिए।

इससे पहले गांधी ने ट्वीट कर कहा, अपने मित्र अनिल अंबानी को राफेल का अनुबंध देकर प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करने का काम किया। ऐसे में प्रधानमंत्री के खिलाफ जांच होनी चाहिए।