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रूस की मिसाइल से दहशत में अमेरिका, बचाव के लिए खर्च करेगा 92 करोड़ डॉलर

रूस की मिसाइल से दहशत में अमेरिका, बचाव के लिए खर्च करेगा 92 करोड़ डॉलर, चीन भी डरा

रूस जल्‍द ही हाइपरसोनिक मिसाइल प्रणाली तैनाती के लिए तैयार है। अगले वर्ष से काम शुरू करने वाली इस मिसाइल का नाम एवनगार्ड है। रूस ने दो दिन पहले ही इसका दक्षिण-पश्चिम रूस के डोंबरावस्की एयरबेस से सफलतम परिक्षण किया है। रूस का दावा है कि अमेरिका के पास इस मिसाइल की कोई काट नहीं है। यही वजह है कि इसने पूरी दुनिया खासतौर पर चीन और अमेरिका की चिंता बढ़ा दी है। यहां पर चिंता की वजह एक दूसरी यह भी है कि रूस के पास पहले से ही हाइपरसोनिक मिसाइल मौजूद है। रूस नए तरह के रणनीतिक हथियार को हासिल करने वाला दुनिया का पहला देश है। रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन का कहना है कि यह हमारे देश और लोगों की सुरक्षा की विश्वसनीयता को सुनिश्चित करेगी।आपको यहां पर बता दें कि रूस के पास पहले से ही हवा से मार करने वाली किंझल हाइपरसोनिक मिसाइल मौजूद है। यह दो हजार किलोमीटर से अधिक दूरी तक निशाना साधने में सक्षम है। इस मिसाइल का नामकरण खुद राष्ट्रपति पुतिन ने किया है। इसकी तेज गति और सटीक निशाना इसकी सबसे बड़ी ताकत है।जहां तक एवनगार्ड की बात है तो इसको लेकर अमेरिका की चिंता वहां की रणनीतिक कमान के प्रमुख जनरल जॉन हेटेन के बयान में भी साफतौर पर दिखाई दे रही है। वह इस बारे में पहले ही कह चुके हैं कि इस मिसाइल का पता लगाने में अमेरिका के मौजूदा सेटेलाइट और रडार सक्षम नहीं हैं। लिहाजा इसके लिए अमेरिका को नए सिरे से तैयारी करनी होगी, जिसमें काफी वक्‍त और पैसा खर्च होगा। वहीं अमेरिकी एयरफोर्स का कहना है कि हाइपरसोनिक मिसाइल तैयार करने में करीब 100 करोड़ डॉलर का खर्च आएगा। रूस के ताजा परिक्षण को देखते हुए अमेरिका ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत हाइपरसोनिक मिसाइल की डिजाइन और डिवेलपमेंट के लिए 92 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट दे दिया गया है। यह मिसाइल आवाज से 5 गुना तेज रफ्तार से चलेगी।

जहां तक हाइपरसोनिक मिसाइल की बात है तो आपको बता दें कि हाइपरसोनिक मिसाइल एक घंटे के भीतर दुनिया के किसी भी कोने में हमला कर सकती है। यह मिसाइल बहुत घातक होती है क्योंकि दुनिया का कोई भी हिस्सा इसकी जद में आ सकता है। इसकी गति इतनी ज्यादा होती है कि एक बार लॉन्च करने के बाद रोकना असंभव होता है। यह मिसाइल पहले वायुमंडल के ऊपर जाती है और फिर वायुमंडल में ज्यादा गति के साथ प्रवेश करती है। इस तरह यह और भी घातक हो जाती है। इसे जेट विमान से भी लॉन्च किया जा सकता है।वहीं एवनगार्ड की यदि बात की जाए तो यह एक बिल्‍कुल नए तरीके का हथियार है। इसकी रफ्तार 25 हज़ार किलोमीटर प्रतिघंटे है। इसकी स्‍पीड ही सही मायने में इसकी सबसे बड़ी ताकत भी है। यह मिसाइल रूस के किसी भी इलाके से छोड़ने के बाद कुछ ही वक्‍त में तय क्षेत्र पर कहर बरपा सकती है। एवनगार्ड एक उल्कापिंड की तरह हमला करती है।