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राम मंदिर पर सरकार लाती है अध्यादेश तो मुस्लिम पक्ष उठाएगा ये कदम, लखनऊ बैठक में हुआ तय

राम मंदिर पर अगर सरकार लाती है अध्यादेश तो मुस्लिम पक्ष जाएगा सुप्रीम कोर्ट, बैठक में हुआ तय

यूपी सरकार अगर राम मंदिर पर अध्यादेश लाती है तो बाबरी एक्शन कमेटी इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। इसका फैसला मंगलवार को लखनऊ में हुई कमेटी की बैठक में लिया गया। इस बैठक में बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी के अलावा जफरयाब जिलानी, मुश्ताक सिद्दीकी, यासीन अली उस्मानी, इलियास आजमी और आदिम अहमद शामिल हुए।

सुप्रीम कोर्ट में 4 जनवरी से मंदिर- मस्जिद मुद्दे की सुनवाई शुरू होनी है। ऐसे में बाबरी एक्शन कमेटी की इस बैठक को अहम माना जा सकता है। सूत्रों की माने तो बैठक में सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई को लेकर बाबरी एक्शन कमेटी की आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। इस बैठक के बाद मुस्लिम पक्षकारों ने देश के मुसलमानों से शांति बनाए रखने की भी अपील की। ज्ञात हो कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद के पक्षकारों ने चुनाव के बाद मंदिर मुद्दे पर सुनवाई की अपील की थी।

बैठक के बारे में बात करते हुए कमेटी के संयोजक जफरयाब जिलानी ने बताया कि ये एक रूटीन बैठक थी। एक्शन कमेटी की मार्च के बाद से कोई बैठक नहीं हुई थी। इस बैठक में ये चर्चा हुई कि आज कल राम मंदिर पर लगातार अध्यादेश लाने की बात हो रही है। ऐसे में कमेटी ने फैसला लिया है कि अगर कोई ऐसा अध्यादेश आता है, तो हम लोग उसको सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।

जाहिर है कि सुप्रीम कोर्ट में 4 तारीख से होने वाली सुनवाई में ये भी तय किया जाएगा कि इस मामले पर सुनवाई रेगुलर हो या उसकी तिथि को अभी और आगे बढ़ाया जाए। 2019 के नजदीक आते ही फिर से मंदिर-मस्जिद के मुद्दों को फिर से गरमाया जा रहा है। सरकार पर भी लगातार हिन्दू संगठनों द्वारा मंदिर निर्माण के लिए दबाव बनाया जा रहा है। हाल ही में योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में भी युवा कार्यकर्ताओ ने राम मंदिर निर्माण के लिए नारे लगाए थे।