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विद्यार्थियों को सहकारिता और बैंकिंग का पाठ पढ़ा रहा स्कूल बैंक 

‘स्कूल बैंक’ – ‘School Bank’

ग्रामीण परिवेश के बेसिक परिषद विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र अक्सर अपनी पेन्सिल, पेन, रबर, स्केल, शार्पनर इत्यादि घर भूल आते हैं, जिसके अभाव में उनकी पढ़ाई बाधित होती है। कई दिनों तक निरीक्षण करने बाद इस समस्या को चिन्हित किया गया।

समस्या का समाधान स्वयं छात्रों के ही द्वारा कराने पर विचार प्रस्तुत किया गया, जिसके फलस्वरूप ‘स्कूल बैंक’ का प्रत्यय प्रकाश में आया।

इसके लिए निर्णय लिया गया कि स्कूल बैंक को छात्रों के लिए, छात्रों द्वारा ही संचालित किया जाएगा तथा स्कूल बैंक के लिए वस्तुओं का क्रय, छात्रों द्वारा अपने जेबखर्च से रुपए बचाकर ₹2 प्रति छात्र की दर से एकत्रित हुए धन से किया जाएगा। शिक्षकों द्वारा यथासम्भव सहयोग अपेक्षित रहेगा।

Rules for School Bank:
1. किसी भी कक्षा का छात्र स्कूल बैंक की सुविधाओं का लाभ ले सकता है।
2. छात्रों को किसी वस्तु की अनुपलब्धता होने पर, वह वस्तु बैंक से 0% ब्याज पर एक दिन के ऋण (loan) के रूप में छात्रों को दी जाएगी।
3. छुट्टी हो जाने पर विद्यालय बन्द होने से पहले छात्रों को उस वस्तु को बैंक में पुनः जमा कराना होगा।
4. छात्र द्वारा वस्तु खो जाने पर 30 दिनों के अंदर अपनी सहूलियत के अनुसार कभी भी उसे बैंक में जमा करा सकते हैं।
(*गरीब बच्चों के लिए ऋण में छूट का प्रावधान होगा।)
5. किसी भी छात्र को लगातार 2 दिन ऋण नहीं दिया जा सकेगा।
6. एक छात्र के लिए ऋण लेने की सीमा एक सप्ताह में अधिकतम 2 बार तथा एक माह में अधिकतम 7 बार होगी।
7. स्कूल बैंक के लिए ‘कक्षा मैनेजर’ का चयन कक्षावार प्रत्येक कक्षा के नियमित छात्रों में से किया जाएगा।
8. ‘स्कूल बैंक मैनेजर’ का चयन स्कूल के होनहार छात्रों में से किया जाएगा, जो कक्षा मैनेजरों का नेतृत्व करेगा।
8. स्कूल बैंक से छात्रों को दी गई वस्तुओं का विवरण रजिस्टर में मैनेजर द्वारा अंकित किया जाएगा।
9. प्रत्येक माह के अंत में कक्षाध्यापक द्वारा रजिस्टर से स्टॉक का निरीक्षण व मिलान किया जाएगा।
10. स्कूल बैंक के लिए ‘ग्रीन काउंटर’ प्रधानाध्यापक कक्ष में स्थापित किया जाएगा।

हम आशा करते हैं, कि स्कूल बैंक निश्चित ही विद्यालय में छात्रों की सहभागिता एवं उपस्थिति बढ़ाकर अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में सफल होगा। इसके साथ-साथ छात्रों में अनुशासन, जिम्मेदारी, स्वावलम्बन आदि मानवीय मूल्यों का समुचित विकास भी करेगा

स्कूल बैंक

बेसिक शिक्षा के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों को अधिगम सम्बन्धी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने को दृढ़ संकल्पित, छात्रों के लिए छात्रों द्वारा संचालित ‘स्कूल बैंक’ की नवनिर्मित शाखा को प्रा0 वि0 पिपरिया, भोजीपुरा, बरेली में छात्रों को समर्पित किया गया।

स्कूल बैंक की कार्यप्रणाली में इस बार कुछ नए बिंदुओं को जोड़कर इसका विस्तार किया गया है:

1. स्कूल बैंक अब से छात्रों को स्टेशनरी सामान के साथ-साथ शनिवार को होने वाली आर्ट एंड क्राफ्ट गतिविधि के लिए क्राफ्ट का सामान भी उपलब्ध कराएगा।

2. परिषदीय विद्यालयों के छात्रों को एक्टिविटी, ड्राइंग, मैथ्स मैजिक, शब्दमाला इत्यादि से सम्बंधित नई किताबों/ कार्यपुस्तिका का वितरण करेगा, जिसकी सहायता से छात्र नए ज्ञान को रोचक तरीके से स्वयं करके सीख सकेंगे।

स्कूल बैंक इस विश्वास के साथ आपकी शुभकामनाओं का आकांक्षी है, कि वह छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए निरन्तर प्रयासरत रहेगा।