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मां से छिन गया जीने का आखिरी सहारा, छात्रा को दी श्रद्धांजलि

और मां से छिन गया जीने का आखिरी सहारा, छात्रा को दी श्रद्धांजलि

पीड़ि‍त छात्रा की मौत के बाद आज उस मां के आंखों में सिर्फ शून्यता है, जिसके जीने का आखिरी भी छिन गया। पति की मौत 2013 में ही हो गई थी और आज बेटी भी युवक की क्रूरता की भेंट चढ़ गई। पिता का साया सिर से उठने के बाद से उस मां ने बेटी को मां और पिता दोनों का प्यार दिया था।

नम आंखों से मृतक छात्रा की मां बताती हैं, उनका बस एक ही सपना था कि किसी तरह पढ़-लिखकर बेटी अपने पैरों पर खड़ी हो जाए। उनकी बेटी को कभी किसी तरह की कोई दिक्कत न हो, उन्होंने हमेशा यह कोशिश की। लेकिन, आज वो बेटी ही नहीं रही और वो बिलकुल अकेली हैं। बताया कि उनकी बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है और छोटी बेटी ही उनका परिवार थी। इन दो लोगों के परिवार को शायद किसी की नजर लग गई।मां ने एक माह पहले ही किसी तरह पैसे जमाकर बेटी के लिए स्कूटी खरीदी थी ताकि कॉलेज जाने में बेटी को किसी तरह की कोई दिक्कत न हो। स्कूटी खरीदे जाने के बाद से छात्रा बहुत खुश थी और हमेशा स्कूटी से ही गांव से कॉलेज आती-जाती थी। मां बताती हैं कि आज स्कूटी भी मायूस सी खड़ी होकर उसकी राह देख रही है कि शायद छात्रा लौटकर वापस आएगी।युवक द्वारा पेट्रोल डालकर जलाने के बाद हुई छात्रा की मौत को लेकर पूरे गढ़वाल क्षेत्र में लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर छात्रा को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान लोगों ने छात्रा को न्याय दिलाने की मांग शासन प्रशासन से की। साथ ही आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी बात कही।

पौड़ी में छात्र-छात्राएं शाम को एजेंसी चौक पर एकत्रित हुए। यहां से कैंडल मार्च निकालकर छात्र अपर बाजार, कलक्टे्रट परिसर, धारा रोड होते हुए कंडोलिया मंदिर परिसर पहुंचे। मंदिर परिसर में शोक सभा आयोजित कर मृतका की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। मार्च में गौरव सागर, नितिन रावत, अर्शी कुरैशी, राजेश भंडारी, मोहित रावत, दीपक नेगी, शुभम, सौरभ रावत आदि शामिल रहे।

रविवार देर शाम उत्तरकाशी में भी विभिन्न धार्मिक और राजनैतिक संगठन के पदाधिकारियों ने पीड़ि‍त छात्रा की आत्मशांति के लिए कैंडल मार्च निकाला। संगठन पदाधिकारियों ने जिला कलक्ट्रेट परिसर के समीप भगवान कंडार देवता मंदिर से भैरो चौक होते हुए काशी विश्वनाथ चौक पर कैंडल यात्रा समाप्त की। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि पहाड़ में ऐसी घटनाएं निंदनीय हैं। इस दौरान संगठन पदाधिकारियों ने रुद्रप्रयाग ऑलवेदर रोड निर्माण में कटिंग के दौरान मलबे में दबे मजदूरों की मौत पर भी संवेदना जताई गई। इस मौके पर श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम के प्रोजेक्ट मैनेजर गोपाल थपलियाल, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र मटूड़ा, रिलाइंस फाउंडेशन के भूपेंद्र रावत, अरविंद उनियाल, रेणुका सामाजिक संस्था के संदीप उनियाल, लोकरंग के सचिव सुरेंद्र पुरी, डॉ. चंडी प्रसाद भट्ट, डॉ. रामचंद उनियाल, छात्र नेता अमरिकन पुरी आदि मौजूद रहे।इसके अलावा गढ़वाल विवि के आइसा संगठन की ओर से श्रीनगर के गोला पार्क में मृतक छात्रा के सम्मान और स्मृति में कैंडल जलाकर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य अतुल सती ने कहा कि छात्राओं और महिलाओं पर हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो चिंताजनक है। कहा कि पौड़ी परिसर की छात्रा के साथ ही आगरा में भी दसवीं की छात्रा को जिंदा जला दिया गया। ऐसी घटनाओं में फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर उन्हें तत्काल फांसी देनी चाहिए। इस दौरान शिवानी पांडे, गढ़वाल विवि छात्रसंघ उपाध्यक्ष अंकित उछोली ने भी विचार व्यक्त किए। कपूर रावत, सुमित, अजय, दर्शन, आयुष, अमन रावत, वर्षा भी इस अवसर पर विशेष रूप से मौजूद थे।