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सुनामी से आई तबाही, अब तक 222 की मौत; 600 से अधिक घायल : Indonesia Tsunami

Indonesia Tsunami Live: सुनामी से आई तबाही, अब तक 222 की मौत; 600 से अधिक घायल

इंडोनेशिया में एक बार फिर सुनामी काल बनकर आई है। इस सुनामी में अब तक 222 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 600 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। इंडोनेशियाई अधिकारियों ने रविवार को जानकारी दी कि क्रैकटो ज्वालामुखी के ‘चाइल्ड’ कहे जाने वाले अनक ज्वालामुखी के फटने से संभवतः यह सुनामी आई है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस द्वीप का निर्माण क्रैकटो ज्‍वालामुखी के लावा से हुआ है। इस ज्‍वालामुखी में आखिरी बार अक्‍टूबर में विस्‍फोट हुआ था।अधिकारियों का कहना है कि अनक के फटने की वजह से समुद्र के अंदर लैंडस्लाइड हुआ और लहरों में असामान्य परिवर्तन आया, जिसने सुनामी का रूप ले लिया। फिलहाल इंडोनेशिया की जियोलॉजिकल एजेंसी सुनामी के कारणों का पता लगाने में जुट गई है। मौत का आंकड़ा अभी बढ़ सकता है।जावा के दक्षिणी छोर और दक्षिणी सुमात्रा के तटों पर आई सुनामी की लहरों से दर्जनों इमारतें धराशाई हो गई हैं।सुनामी का सबसे ज्यादा असर सुमात्रा के दक्षिणी लामपुंग और जावा के सेरांग और पांदेलांग इलाके में पड़ा। नेशनल डिजास्टर एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुर्वो नुग्रोहो ने बताया कि सुनामी स्थानीय समयानुसार शनिवार रात करीब 9:30 बजे आई। प्रत्‍यक्ष दर्शियों के मुताबिक समुद्र से 15 से 20 मीटर ऊंची लहरें उठती देखी गई हैं। फिलहाल द्वीप पर राहत और बचाव का कार्य शुरू कर दिया गा है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि वह शनिवार रात ज्‍वालामुखी विस्‍फोट के बाद वहां तस्‍वीरें ले रहे थे, तभी उन्‍होंने अपनी ओर तेजी से आती समुद्री लहरों को देखा। इसके के बाद वह वहां से भाग पड़े। फिर उन्होंने देखा कि समुद्र की लहर उनके होटल परिसर तक पहुंच गई। इसके बाद वह किसी तरह जंगलों और गांवों से होते हुए ऊंचाई वाले स्‍थान पर पहुंचे, जहां स्‍थानीय लोगों ने उनकी मदद की।तीन महीने पहले सितंबर में इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप स्थित पालु और दोंगला शहर में भूकंप के बाद सुनामी आने से 832 लोगों की मौत हो गई थी। हजारों लोग घायल भी हुए थे। कुल 6 लाख की आबादी वाले इन दोनों शहरों में आपदा के तीन महीने बाद भी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं।2004 में इंडोनेशिया के सुमात्रा में 9.3 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके बाद हिंद महासागर के तटीय इलाकों वाले देश सुनामी की चपेट में आ गए थे। तब भारत समेत 14 देश सुनामी से प्रभावित हुए थे। दुनियाभर में 2.20 लाख लोगों की जान गई। इनमें 1.68 लाख लोग इंडोनेशिया के थे।बता दें कि रिंग ऑफ फायर में स्थित होने के कारण इंडोनेशिया में दुनिया में सबसे अधिक भूकंप और सुनामी आते हैं। इसी साल जुलाई में इंडोनेशिया में एक हफ्ते के अंतराल में दो भूकंप के झटके आए थे। लोम्बोक में 7 और बाली में 6.4 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया था। इनमें सैकड़ों लोगों की मौत हुई थी।