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उत्तर भारत का पहला स्मार्ट शौचालय उत्तराखंड में बनकर तैयार

उत्तर भारत का पहला स्मार्ट शौचालय उत्तराखंड में बनकर तैयार, जाने इसकी खासियत

उत्तर भारत का पहला स्मार्ट सार्वजनिक शौचालय (इंटेलिजेंट पब्लिक टॉयलेट) उत्तरकाशी जिले में बनकर तैयार हो गया है। स्वयं के सफाई तंत्र वाले इस स्मार्ट शौचालय का निर्माण नगर पालिका परिषद बड़कोट की ओर से यमुनोत्री हाइवे के निकट कराया गया है। जल्द ही पालिका परिषद इसका उद्घाटन करेगी।

देश में स्वच्छता के प्रति जन से लेकर तंत्र तक जागरूक हुआ है। घर-घर में शौचालय निर्माण अभियान के साथ सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण को लेकर भी जागरुकता बढ़ी है। इसी कड़ी में उत्तरकाशी जिले की नगर पालिका बड़कोट ने यमुनोत्री हाइवे पर एक स्मार्ट सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया है। इसके लिए नगर पालिका के प्रशासक रहे एसडीएम बड़कोट अनुराग आर्य ने स्मार्ट सार्वजनिक शौचालय का निर्माण करने वाली टाटा नेस्ट कंपनी से ऑनलाइन संपर्क किया। इसके बाद टाटा नेस्ट कंपनी की ओर से केरल से शौचालय बनाने के लिए एक टीम भेजी गई। इस टीम ने 20 दिनों के अंतराल में यमुनोत्री हाइवे पर महिला-पुरुष के लिए अलग-अलग दो शौचालय तैयार किए।

एसडीएम बड़कोट अनुराग आर्य ने बताया कि शौचालय का उपयोग करने के लिए प्रति यात्री पांच रुपये का भुगतान करना होगा। भुगतान के लिए शौचालय के बाहर एक बॉक्स के अलावा स्वैप मशीन भी लगाई गई है। बॉक्स में सीधे रकम डाली जा सकती है, जबकि स्वैप मशीन पर एटीएम के जरिये भुगतान करना होगा। इसी के बाद शौचालय का दरवाजा खुलेगा। भीतर से मैन्युअल लॉकिंग होने के कारण शौचालय में किसी व्यक्ति के फंसने का डर भी नहीं है।

शौचालय को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसका उपयोग करने के बाद वहां फ्लश की सफाई भी अपने आप हो जाएगी। इससे शौचालय हमेशा साफ-सुथरा रहेगा। इस तरह के शौचालयों का निर्माण दक्षिण भारत के कई शहरों, राजमार्ग, मॉल, हवाई अड्डा, रेलवे स्टेशन, सामान्य अस्पताल और स्टेडियमों में हो चुका है। जबकि, उत्तर भारत का यह पहला स्मार्ट शौचालय है। इसके निर्माण में 17 लाख रुपये का खर्चा आया है।