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ब्लैकमेलिंग से तंग आकर डॉक्टर डीपी सिंह ने करवाई थी राजेश्वरी की हत्या

गोरखपुर: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर डॉक्टर डीपी सिंह ने करवाई थी राजेश्वरी की हत्या

यूपी एसटीएफ ने चर्चित राजेश्वरी श्रीवास्तव उर्फ राखी हत्याकांड मामले में गोरखपुर के आर्यन अस्पताल के मालिक डॉ. डीपी सिंह व दो अन्य को गिरफ्तार कर लिया है. इसकी जानकारी यूपी एसटीएफ के चीफ अमिताभ यश ने गोरखपुर में शुक्रवार को दी. दरअसल डॉक्टर ने अपनी प्रेमिका राखी श्रीवास्तव को नेपाल के पोखरा में ले जाकर हत्या की थी. एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश ने इस हाईप्रोफाइल हत्याकांड का खुलासा किया.

गोरखपुर पुलिस लाइन सभागार में एसटीएफ के आईजी अमिताश यश ने प्रेसवार्ता के दौरान डॉक्टर की करतूतों को बयां किया है. उन्होंने बताया कि कई साल पहले राखी श्रीवास्तव अपने पिता का इलाज कराने डॉक्टर डीपी सिंह के आर्यन अस्पताल आई थी. जहां डीपी सिंह राखी की सुंदरता को देख उस पर फिदा हो गया था. राखी भी डॉक्टर डीपी सिंह के पहले से शादीशुदा होने के बारे में पहले से जानती थीं. इसके बावजूद दोनों के बीच की नजदीकियां धीरे-धीरे प्यार में तब्दील हो गई.

आईजी एसटीएफ के मुताबिक साल 2011 में गोंडा में डॉक्टर डीपी सिंह ने राखी से अपने संबंधों को पुख्ता करने को लेकर उससे शादी भी किया था. जिसके बाद डॉक्टर ने राखी को रहने के लिए शाहपुर इलाके में अपना मकान दिया था. लेकिन पहले से शादीशुदा डीपी सिंह और राखी के संबंध समय के साथ कड़वे होते गये.

डॉक्टर को लेकर राखी की उम्मीदें और डिमांड लगातार बढ़ती जा रही थी. जबकि डॉक्टर राखी से पीछा छुड़ाना चाह रहा था. आईजी ने बताया है कि राखी ने शहर के कैंट थाने में डीपी सिंह के खिलाफ रेप और धमकी देने का मुकदमा भी दर्ज कराया था. हालांकि की बाद में दोनों ने सुलह कर लिया था. आईजी ने बताया है कि साल 2018 में मनीष श्रीवास्तव से राखी ने शादी कर लिया था. लेकिन इस दौरान डॉक्टर डीपी सिंह और राखी श्रीवास्तव के बीच रिश्ता बना रहा.

आईजी अमिताश यश ने बताया कि दरअसल लगातार राखी की डिमांड से तंग आकर डॉक्टर डीपी सिंह ने राखी की हत्या की साजिश रची थी. बीते 4 जून को राखी नेपाल के पोखरा घुमाने गयी थी. इस बात की जानकारी होने पर डॉक्टर डीपी सिंह अपने दो कर्मचारियों देश दीपक निषाद और प्रमोद सिंह के साथ किराये की स्कॉर्पियो में बैठकर नेपाल गया था. जहां राखी से मिलकर उसे अपने झांसे में लेने के बाद डीपी सिंह ने राखी को शराब पिलाने और नशे को गोली देकर बेहोश किया था.

वहीं बेहोशी की हालत में डीपी सिंह ने अपने दोनों कर्मचारियों के साथ राखी को पहाड़ी से फेंक दिया था. जिससे सिर और पेट में चोट आने से राखी की मौत हो गयी थी. जिसके बाद मौके से डॉक्टर अपने दोनों साथियों के साथ फरार हो गया था. गौरतलब है कि राखी के गुमशुदगी को लेकर उसके भाई ने शाहपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी थी. वहीं नेपाल में राखी की लाश मिलने पर उसकी शिनाख्त हो पाई थी.

इस हाईप्रोफाइल मामले को लेकर स्थानीय पुलिस के साथ एसटीएफ भी लगी थी. ऐसे में गहराई से मामले की तफ्तीश किये जाने पर डॉक्टर डीपी सिंह और राखी के पहले के संबंधों की तह तक जाने पर हत्याकांड का खुलासा हो पाया है.