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ठग्स ऑफ नोएडा: अमेरिकियों को लगाते थे रोज हजारों डॉलर का चूना

नोएडा
नोएडा में चल रहे फर्जी कॉल सेंटरों पर छापेमारी का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में पुलिस ने सेक्टर-63 में बड़ी कार्रवाई करते हुए सोशल सिक्यॉरिटी के नाम पर अमेरिकी लोगों को ठग रहे एक बड़े कॉल सेंटर का खुलासा किया है। मौके से 126 लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से 312 कंप्यूटर सिस्टम और 20 लाख रुपये जब्त किए गए हैं। पकड़ा गया गिरोह विदेशियों से रोजाना करीब 50 हजार डॉलर की ठगी कर रहा था। गिरोह को चलाने वाले दो लोगों के साथ पुलिस को मास्टरमाइंड की तलाश है। एसएसपी ने बताया कि गुरुवार रात सेक्टर 63 में ई- 18 नंबर की 4 मंजिला बिल्डिंग में चल रहे कॉल सेंटर पर छापा मारा गया। यहां से 4 टीम लीडर और 8-10 महिलाओं समेत 122 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर किया गया। पकड़े गए अधिकतर लोग उत्तर पूर्वी राज्यों के रहने वाले हैं। एक कंसल्टेंसी फर्म की मदद से करीब 6 महीने पहले मोती नगर दिल्ली में बल्क रिक्रूटमेंट कर उन्हें कॉल सेंटर में रखा गया था। कॉल सेंटर में काम करने वाले प्रत्येक कर्मी को 15 से 22 हजार रुपये मासिक सैलरी और ठगी के जरिए होने वाले प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर 1 पर्सेंट का इंसेंटिव दिया जा रहा था। नोएडा में धंधा शुरू करने से पहले ये लोग पिछले 3 साल से गुड़गांव में कॉल सेंटर चला रहे थे। पुलिस से बचने के लिए हर 3 महीने बाद ठिकाना बदल देते थे। वहां सख्ती बढ़ने के बाद नोएडा में ठिकाना बनाया था। इसमें काम करने वाले कई लोग महाराष्ट्र में फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले शैगी नामक सरगना से जुड़े रहे हैं। जब कोई इनके झांसे में आ जाता तो उसे प्ले स्टोर से 500 से 3500 तक का कार्ड खरीदने और उसका नंबर स्क्रैच कर उन्हें बताने का निर्देश देते थे। यह नंबर पता चलते ही दुबई, चीन और अमेरिका में बैठे गिरोह के दूसरे लोग दूसरे प्ले स्टोर में जाकर पैसा कैश में ले लेते थे। ऐसा करके वे रोजाना करीब 50 हजार डॉलर की ठगी कर रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक, ठगों का यह गिरोह अब तक करीब 8 करोड़ रुपये लोगों से ठग चुका है। आरोपियों की संख्या अधिक होने की वजह से पुलिस ने कॉल सेंटर वाली बिल्डिंग को ही अस्थायी जेल बना दिया। गुरुवार रात से लेकर शुक्रवार दोपहर तक सभी 126 आरोपितों को बिल्डिंग में ही रखकर उनकी अलग-अलग एंट्री दर्ज की गई। इसके बाद शाम को बसों में भरकर थाने लाया गया और फिर कुछ देर बाद कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।