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CPEC के बहाने पाक में सैन्य अजेंडे को आगे बढ़ा रहा है चीन, हथियारों के निर्माण का करार

इस्लामाबाद
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इस साल की शुरुआत पाकिस्तान को सुरक्षा के नाम पर दी जाने अरबों डॉलर की राशि पर रोक लगा दी थी। तब माना जा रहा था कि पाकिस्तान के तेवर कुछ नरम होंगे और वह अमेरिका एवं उसके सहयोगी देशों के प्रति अपने रवैये में सुधार लाएगा। लेकिन, ऐसा नहीं हो सका। असल में पाकिस्तान ने अपने लिए विकल्प पहले ही सोच रखा था और वह चीन के करीब चला गया। सिर्फ दो सप्ताह के बाद पाकिस्तानी एयरफोर्स और चीनी अधिकारियों के बीच पाकिस्तान में चीनी सैन्य जेट, हथियारों और अन्य चीजों के निर्माण को लेकर करार हुआ। यही नहीं पाकिस्तान और चीन के बीच की दोस्ती स्पेस तक पहुंची। हाल ही में पेंटागन ने कहा था कि चीन असल में अब जाकर अपने उस दशकों पुराने अजेंडे पर काम कर रहा है, जिसके तहत उसने पाकिस्तान के सैन्य इस्तेमाल की योजना बनाई थी।

चीन अपनी इस योजना को बेल्ट ऐंड रोड प्रॉजेक्ट के जरिए अंजाम दे रहा है, जिसका एक हिस्सा पाक में चीन-पाकिस्तान इकॉनमिक कॉरिडोर के नाम पर डिवेलप हो रहा है। 1 ट्रिलियन डॉलर की योजना के तहत चीन 70 देशों में इस प्रॉजेक्ट को आगे बढ़ा रहा है। चीनी अधिकारी अकसर यह कहते रहे हैं बेल्ड ऐंड रोड प्रॉजेक्ट शांतिपूर्ण उद्देश्यों के तहत एक आर्थिक परियोजना है। न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में अपने प्रॉजेक्ट्स को लेकर चीन ने पहली बार स्पष्ट रूप से इस्लामाबाद के साथ सैन्य योजनाओं के लिए करार किया है। असल में चीन पाकिस्तान की भू-राजनैतिक स्थिति का इस्तेमाल करते हुए अपने मिलिट्री बेस को वहां मजबूत करना चाहता है। रिपोर्ट के मुताबिक इस साल की शुरुआत में ही चीन और पाकिस्तान के बीच एक गोपनीय प्रस्ताव पर बातचीत हुई थी। उसके मुताबिक CPEC के तहत एक स्पेशल इकनॉमिक जोन बनेगा, जहां पाकिस्तान नई पीढ़ी के लड़ाकू विमानों और सैन्य साजो-सामानों का निर्माण करेगा। पहली बार दोनों देश मिलकर संयुक्त रूप से पाकिस्तान की फैक्ट्रियों में नैविगेशन सिस्टम, रेडार सिस्टम और हथियारों का निर्माण करेंगे। जल्द ही इस प्रस्ताव को समझौते का रूप देकर अमलीजामा पहनाया जाएगा।