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महागठबंधन की पतवार थामेंगे उपेंद्र कुशवाहा, बिहार में सीटों पर बनी बात

upendra kushwaha

हिंदी हॉर्टलैंड के तीन राज्यों छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान के नतीजों के बाद नरेंद्र मोदी सरकार पर कांग्रेस हमलावर है। आम चुनाव 2019 से पहले एनडीए के खिलाफ महागठबंधन की कवायद चल रही है। लेकिन ये साफ नहीं है कि उसका चेहरा कौन होगा। यूपी में एसपी और बीएसपी ने करीब करीब ये संकेत दिए हैं कि महागठबंधन के चेहरे के ऐलान से ज्यादा जरूरी ये है कि मोदी सरकार को हराने के लिए रणनीति बने। इसका अर्थ ये है कि राहुल गांधी के चेहरे पर एका नहीं है। कुछ इसी तरह की भाषा टीएमसी की तरफ से भी बोली जा रही है।

आरएलएसपी के मुखिया उपेंद्र कुशवाहा महागठबंधन में औपचारिक तौर पर ऐलान करेंगे। बता दें कि एनडीए से अलग होने के बाद वो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से दो बार मिले। बताया जा रहा है कि सीटों के मुद्दे पर नाराज होकर अलग हुए कुशवाहा की मांग पूरी हो सकती है। ये बात अलग है कि कुशवाहा का कहना है कि वो सिर्फ नीतीश कुमार और बीजेपी की अहंकार की वजह से एनडीए से अलग हुए। इन सबके बीच ये भी खबर है कि बिहार में सीटों के बंटवारे पर महागठबंधन के दूसरे घटक दलों में करीब करीब सहमति बन चुकी है।

एनडीए के खिलाफ बिहार में महागठबंधन

  1. बिहार में महागठबंधन का फॉर्मूला तैयार
  2. ज्वाइंट पीसी होगी, बैठक नहीं
  3. कांग्रेस 7 से 12 सीट
  4. राजद 17 से 19 सीट
  5. आरएलएसपी को 3 से 5 सीट
  6. शरद यादव की पार्टी लोजद को 1 से 2 सीट
  7. लेफ्ट को 1 सीट
  8. जीतनराम मांझी को 1 सीट
  9. एनडीए छोड़ने के बाद उपेंद्र कुशवाहा राहुल गांधी से करीब 2 बार मिले।
  10. राहुल गांधी से मिलने के बाद अहमद पटेल से मिले।
  11. 2014 में कुशवाहा की पार्टी ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की थी।

उपेंद्र कुशवाहा ने इसके साथ ही कहा कि अगर एलजेपी भी महागठबंधन में शामिल होना चाहती है तो ये अच्छी बात है। ये सबको पता है कि किस वजह से वो एनडीए से बाहर हुए। दिल्ली और पटना में कुछ लोग है जिनमें अहंकार आ गया है और जनता उन्हें जवाब देगी। इसके साथ ही उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि अभी बहुत से लोग हैं जिनका दम घुट रहा है और वो चाहते हैं कि जनविरोधी सरकार और जनविरोधी पार्टी से कितना जल्द छुटकारा मिले।