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बिखरता कुनबा: ‘एनडीए 2004 की गलती 2019 लोकसभा चुनाव में दोहरा रहा है’

Bihar chief minister Nitish Kumar, his deputy Sushil Modi and Union minister Ram Vilas Paswan at the

लोकसभा चुनावों (Lok Sabha elections) से ठीक पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के लिए खतरे की घंटी बजाते हुए उसके सबसे पुराने घटक-शिरोमणि अकाली दल ने कहा कि एनडीए से जो गलती 2004 में हुई, वह फिर दोहराई जा रही है। तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) पहले ही गठबंधन से अलग हो चुके हैं जबकि शिवसेना ने कहा कि वह भाजपा की एक नहीं सुनेगी और लोकसभा चुनाव में अकेले उतरेगी। लोजपा सीटों के बंटवारे में देरी से खफा है। अकाली दल के वरिष्ठ नेता नरेश गुजराल ने बातचीत में कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में एनडीए के शानदार प्रदर्शन की वजह यह थी कि चुनाव से पूर्व ज्यादा दल एनडीए से जुड़े। लेकिन अब 2004 वाली एनडीए सरकार की गलती दोहराई जा रही है। तब द्रमुक को छोड़कर जाने दिया गया था। अब तक दो घटक- टीडीपी और रालोसपा साथ छोड़ गए हैं। कई और घटक भी नाराज हैं। यदि चुनावी वर्ष में सहयोगी दलों को साथ नहीं रखा गया तो चुनाव की डगर कठिन होगी। शिरोमणि अकाली दल और शिवसेना एनडीए के सबसे पुराने सहयोगी हैं। बुधवार को मुंबई में अमित शाह ने कहा कि शिवसेना उनके साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। लेकिन राज्यसभा में शिवसेना के नेता संजय राउत ने कहा कि शिवसेना कैसे चुनाव लड़ेगी, यह कोई दूसरा दल तय नहीं कर सकता। शिवसेना कार्यकारिणी पूर्व में फैसला ले चुकी है कि लोकसभा चुनाव में वह अकेले उतरेगी, जिस पर वह कायम है। वैसे, सूत्रों का कहना है कि शिवसेना को मनाने की कोशिशें अभी भी चल रही हैं।

दोनों सहयोगी दलों ने कहा कि अगले चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलेगा। इसलिए अन्य गैर कांग्रेसी दलों की भूमिका चुनाव के बाद सरकार गठन में महत्वपूर्ण होगी। चुनाव के बाद शिवसेना एनडीए में रहेगी या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। राउत कहते हैं कि यह फैसला तभी करेंगे। जबकि गुजराल का कहना है कि वे कांग्रेस के साथ नहीं जा सकते, इसलिए वे एनडीए के साथ हैं।

ज्ञातव्य है कि लोक जनशक्ति पार्टी के नेता और सांसद चिराग पासवान ने मंगलवार को एनडीए में सीट साझेदारी को लेकर हो रही देरी पर चिंता जताई थी। चिराग ने दो ट्वीट में अपनी चिंता जाहिर की। लिखा, ‘टीडीपी और रालोसपा के एनडीए से जाने के बाद गठबंधन नाजुक मोड़ से गुजर रहा है। ऐसे समय में भारतीय जनता पार्टी गठबंधन में फिलहाल बचे हुए साथियों की चिंताओं को समय रहते सम्मानपूर्वक तरीके से दूर करे।’

चिराग ने एक और ट्वीट में लिखा, ‘गठबंधन की सीटों को लेकर कई बार भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से मुलाकात हुई परंतु अभी तक कुछ ठोस बात आगे नहीं बढ़ पाई है। इस विषय पर समय रहते बात नहीं बनी तो इससे नुकसान भी हो सकता है।’