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कोर्ट के फैसले का इंतज़ार क्यों, राहुल साथ आकर राम मंदिर बनवा दें: सिद्धार्थ नाथ सिंह

कोर्ट के फैसले का इंतज़ार क्यों, राहुल साथ आकर राम मंदिर बनवा दें: सिद्धार्थ नाथ सिंह

योगी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री और कुंभ मेला प्रभारी सिद्धार्थ नाथ सिंह नेकहा कि अगर राहुल गांधी भी राम मंदिर बनाने के पक्ष में हैं तो कोर्ट के फैसले का इंतज़ार क्यों करना है, साथ आए और मंदिर बनवा दें. उन्होंने कुंभ मेले पर कहा कि इसे पहली बार UNESCO ने मान्यता दी है. कार्यक्रम में मौजूद शंकराचार्य नरेंद्रनन्द सरस्वती ने कहा कि मोदी सरकार राम मंदिर बनवाना चाहती है तो विवादित ज़मीन को राम मंदिर न्यास को सौंप दे.

कुंभ मेले के आयोजन पर सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि इस बार मेले में 15 करोड़ श्रद्धालु आने वाले हैं और गंगा की सफाई को ध्यान में रखकर एक लाख 22 हज़ार टॉयलेट बन रहे हैं. 3200 हेक्टेयर के क्षेत्रफल में कहीं भी खुले में शौच नहीं होगा और पहली बार पूरी तरह स्वच्छ कुंभ होगा. कुंभ में पिछली बार हुई दुर्घटना पर उन्होंने कहा कि इस बार एंट्री-एग्जिट गेट अलग-अलग कर दिए हैं, ये पहला कुंभ है जहां आप बनारस से स्टीमर से आ सकते हैं और नए टर्मिनल के जरिए हवाई रास्ते से भी आ सकते हैं.

डॉक्टर कर्ण सिंह के राम के साथ सीता की मूर्ति लगाने की बात पर उन्होंने कहा कि सुझाव अच्छा है लेकिन राहुल गांधी से भी कह दें कि राम मंदिर बनाने में सहयोग करें. सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट का वेट करने की ज़रुरत नहीं है मिल-जुलकर राम मंदिर बना देते हैं. उन्होंने ये भी कहा कि मैं भी चाहता हूं कि ऑर्डिनेंस लाकर राम मंदिर बनवाया जाना चाहिए.

अर्धकुंभ को कुंभ कहने के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि मोदी अभी प्रयाग आए थे और उन्होंने भी अपने भाषण में इसे 6 बार अर्धकुंभ ही कहकर संबोधित किया था. शंकराचार्य नरेंद्रनन्द सरस्वती ने कहा कि सरकारों का काम राम मंदिर का निर्माण करना नहीं बल्कि उसके लिए आ रही बाधाओं को दूर करना है. सरकार चाहती है कि मंदिर बने तो विवादित ज़मीन को राम मंदिर न्यास को सौंप दें. कोर्ट केस पर उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की समीक्षा की ज़रुरत है. साध्वी गीतांबा तीर्थ ने भी कहा कि राम मंदिर पर राजनीति न होकर सर्वसम्मति से उसे बनवाया जाना चाहिए