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रालोसपा टूटी, कुशवाहा अब NDA में नहीं, विधायकों ने साथ आने से किया इनकार

रालोसपा (एचटी फोटो)

रालोसपा विधायकों ने शनिवार को उपेन्द्र कुशवाहा को छोड़ने का विधिवत ऐलान कर दिया। कहा कि रालोसपा अब भी एनडीए में है और रहेगी। उपेन्द्र कुशवाहा ने अकेले एनडीए से अलग होने का फैसला किया है।

पार्टी के दोनों विधायक ललन पासवान और सुधांशु शेखर तथा इकलौते विधान पार्षद संजीव श्याम सिंह ने शनिवार को साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार सरकार में हिस्सेदारी मांगी है। राज्य के बोर्ड-निगम में भी हिस्से की मांग की है। साथ ही पार्टी के सिम्बल सिलिंग फैन पर दावा ठोकने के लिए चुनाव आयोग में जाने का फैसला किया है। विधायकों ने कहा कि पार्टी प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा व्यक्तिवादी राजनीति करते हैं। उनके साथ न तो कोई जनप्रतिनिधि है और न ही कोई कार्यकर्ता। वह हमेशा अपने स्वार्थ के लिए दल बदलते रहे हैं। विधायकों ने कहा कि राज्य में एनडीए की सरकार बनने के बाद सभी घटक दलों को हिस्सा मिला, लेकिन रालोसपा वंचित रह गया। लिहाजा हमारी पार्टी के विधायक सुधांशु शेखर को राज्य मंत्रिपरिषद में शामिल किया जाना चाहिए। रालोसपा को भागीदारी के मुताबिक हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। सरकार बनते वक्त भी उनलोगों ने पार्टी प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा से यह बात कही थी। लेकिन उन्हें केवल अपने हित का ख्याल रहा, लिहाजा एनडीए नेतृत्व के सामने वह अपनी बात नहीं रख सके। उन्होंने कहा कि अगर सरकार और बोर्ड-निगम में पार्टी को हिस्सेदारी नहीं मिली तो कार्यकर्ताओं में निराशा होगी। इसका असर चुनाव पर भी पड़ेगा। एनडीए नेतृत्व को पार्टी के प्रति अपने व्यवहार में बदलाव करना चाहिए।

रालोसपा प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा से उनके नई दिल्ली स्थित आवास पर कांग्रेस के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अहमद पटेल ने शनिवार को मुलाकात की। पटेल के साथ पार्टी के बिहार प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष व पूर्व केन्द्रीय मंत्री अखिलेश सिंह भी थे। दोनों दलों के नेताओं के मिलने के बाद यह तय हो गया कि रालोसपा अब महागठबंधन का हिस्सा होगी। संभव है 19 या 20 दिसम्बर को रालोसपा प्रमुख इसकी घोषणा कर दें।

रालोसपा प्रमुख ने दस दिसम्बर को एनडीए छोड़ने की घोषणा की थी तथा केन्द्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। उसी दिन घोषणा के पहले उनकी मुलाकात कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से भी हुई थी। वहीं पर पार्टी की भावी रणनीति तय हो गई थी, लेकिन कुशवाहा ने सिर्फ एनडीए छोड़ने की घोषणा की। साथ ही महागठबंधन में शामिल होने के साथ कई और विकल्पों की भी चर्चा की। लेकिन रविवार को कांग्रेस नेताओं का उनका घर जाने से यह तय हो गया कि अब उनका साथ उसी गठबंधन को मिलेगा, जिसमें कांग्रेस रहेगी।

रालोसपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता माधव आनंद ने बताया कुशवाहा के अवास पर दोनों दलों के नेताओं के बीच लगभग आधे घंटे तक बात हुई। उन्होंने भी उम्मीद जताई कि सोमवार के बाद किसी भी दिन नई रणनीति का खुलासा हो जाएगा। संभव है कांग्रेस अध्यक्ष से कुशवाहा की एक और मुलाकात हो।