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कावेरी मुद्दे पर संसद में हंगामा, राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित

संसद का शीतकालीन सत्र 11 दिसंबर से शुरू हुआ। -फाइल

संसद के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन गुरुवार को भी कामकाज ठप रहा। कावेरी मुद्दे पर हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। इसके पहले कांग्रेस सांसदों की ओर से लोकसभा में राफेल डील, आरबीआई और नोटबंदी के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव पेश किया गया था। वहीं, राज्यसभा में आप सांसद संजय सिंह ने दिल्ली में सीलिंग के मुद्दे पर चर्चा के लिए नोटिस दिया। यह मोदी सरकार में संसद का अंतिम पूर्णकालिक सत्र है। ऐसे में सरकार पूरा जोर अहम बिल पास कराने पर है।कांग्रेस राफेल मुद्दे पर मोदी सरकार को संसद में घेरने की कोशिश कर रही है। तृणमूल कांग्रेस भी राज्यसभा में आरबीआई और अन्य स्वायत्त संस्थाओं की स्वतंत्रता पर खतरे को लेकर चर्चा की मांग कर चुकी है। बुधवार को विपक्ष के हंगामे के बाद लोकसभा की कार्रवाई दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई थी। विपक्षी दलों ने राफेल डील, राम मंदिर निर्माण और कावेरी जल विवाद पर हंगामा किया था।शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने भी विपक्ष से संसदीय कार्यवाही में रुकावट नहीं डालने की अपील की थी। उन्होंने महिला आरक्षण बिल पास कराने को लेकर विपक्ष से सहयोग करने की बात कही थी। हालांकि मंगलवार को ऑल पार्टी मीटिंग में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद में राफेल डील और सीबीआई-ईडी जैसी जांच एजेंसियों के गलत इस्तेमाल का मुद्दा उठाने की बात कही थी। राज्यसभा में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने भी राफेल डील की जांच के लिए ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (जेपीसी) के गठन की मांग की है। सरकार इस पर चर्चा के लिए तैयार हो सकती है। प्रधानमंत्री मोदी भी संसद में खुली बहस की बात कह चुके हैं।