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इस्तीफे के बाद बोले शिवराज- 10 दिन में किसानों का कर्ज माफ करे कांग्रेस, मैं करूंगा चौकीदारी

शिवराज सिंह चौहान.

मध्य प्रदेश में आखिरकार शिवराज सिंह चौहान ने अपनी हार स्वीकार कर ली है. बुधवार सुबह शिवराज मीडिया के सामने आए और उन्होंने कहा कि जनता ने हमें स्पष्ट बहुमत नहीं दिया है.

शिवराज ने कहा कि हमने फैसला किया है कि स्पष्ट बहुमत न मिलने के कारण हम सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करेंगे. मैं अपना इस्तीफा देने महामहिम राज्यपाल के पास जा रहा हूं. इतना कहने के बाद शिवराज फौरन कुर्सी से उठे और सीधे राजभवन की ओर रवाना हो गए. इस्तीफे के बाद शिवराज ने कहा कि अब मैं आजाद हूं.

राज्यपाल से मिलने के बाद शिवराज ने कहा कि इस्तीफा देकर आया हूं. पराजय की जिम्मेदारी सिर्फ मेरी है. पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अथक परिश्रम किया.बाद में पार्टी के प्रदेश कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमें 13 साल प्रदेश की जनता के लिए काम करने का मौका मिला इसके लिए धन्यवाद. हमारी सरकार ने मध्य प्रदेश को बदहाली के हालात से निकालकर खुशहाल राज्य बनाया. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस हार की जिम्मेदारी सिर्फ मेरी है. कहीं ना कहीं कमी रही. इसके बारे में चर्चा करेंगे. शिवराज ने कांग्रेस सरकार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनता के लिए शुरू की हमारी योजनाओं को वे ठीक तरीके से चलाएं ये हम आग्रह करते हैं.शिवराज सिंह ने प्रदेश की सत्ता संभालने जा रही कांग्रेस को वो चुनावी वादा याद दिलाया जिसमें राहुल गांधी ने कहा था कि अगर 10 दिन में किसानों की कर्जमाफी नहीं हुई तो हम मुख्यमंत्री बदल देंगे. शिवराज ने कहा कि अब कांग्रेस अपने वादे पूरे करे. मैं अब चौकीदारी करूंगा कि वे अपना वादा पूरा करते हैं या नहीं. साथ ही शिवराज ने कहा कि हम अब लोकसभा चुनाव की तैयारियों में लगेंगे.मंगलवार को दिनभर कांटे की टक्कर होने के बाद बुधवार सुबह चुनाव आयोग ने कांग्रेस को 114 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी घोषित की थी. इधर मायावती और अखिलेश यादव ने भी कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है.

इससे पहले तक बीजेपी में अंदरखाने सरकार बनाने की जोड़तोड़ चलती रही. शिवराज सिंह चौहान, कैलाश विजयवर्गीय, नरेंद्र सिंह तोमर, प्रभात झा और राकेश सिंह रातभर मीटिंग करते रहे. लेकिन सुबह तक इसकी कोई संभावना बनती नहीं दिखी.अब राज्यपाल ने भी कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए न्योता दे दिया है. राज्यपाल के निमंत्रण पर कांग्रेस भी तुरंत एक्टिव हो गई. हालांकि अभी तक कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर फैसला नहीं हो सका है. कांग्रेस में एक खेमा ज्योतिरादित्य सिंधिया तो दूसरा खेमा कमलनाथ को मुख्यमत्री बनाने की मांग कर रही है.इससे पहले एग्जिट पोल में बीजेपी की हार दिखाए जाने पर शिवराज सिंह ने कहा था कि ‘मैं सबसे बड़ा सर्वेयर हूं. मैं जनता की नब्ज भलीभांति जानता हूं. मैंने मध्य प्रदेश में यात्रा की है और लोगों से मिला हूं. सूबे में बीजेपी एक बार फिर से बहुमत से जीत दर्ज करेगी और सरकार बनाएगी.’