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अब एक करोड़ 20 लाख की इलेक्ट्रिक बस में करिए नैनीताल का सफर

अब एक करोड़ 20 लाख की इलेक्ट्रिक बस में करिए नैनीताल का सफर

एक करोड़ 20 लाख रुपये कीमत की इलेक्ट्रिक बस आखिर रविवार से ट्रायल के तौर पर नैनीताल रूट पर दौड़ने लगी है। जो एवरेज बस की कमाई का है, उस हिसाब से इसकी लागत वसूलने में ही परिवहन निगम को सवा चार साल का समय लग जाएगा। वह भी तब, जब यह बस बगैर थमे रोजाना हल्द्वानी से नैनीताल के दो चक्कर लगाएगी। पहले दिन बस ने सिर्फ 3329 रुपये कमाए।
रविवार को परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने बस अड्डे पर हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना किया। तय समय से डेढ़ घंटे की देरी से बस रवाना हुई। बाद में एक राउंड लगाने के बाद इसे वर्कशॉप में खड़ा कर दिया गया। दून-मसूरी मार्ग पर सफल ट्रायल के बाद 29 नवंबर को इलेक्ट्रिक बस हल्द्वानी पहुंची थी। हालांकि नैनीताल रूट पर ट्रायल को लेकर पहले बैटरी की चार्जिग और बाद में कैबिनेट मंत्री की व्यस्तता की वजह से मामला अटक गया। बीते शनिवार को पहले रोडवेज अफसरों ने खुद इसमें बैठकर नैनीताल की दूरी तय की। इस परीक्षण में बस को फिट पाया गया। रविवार को परिवहन मंत्री सुबह साढ़े 11 बजे बस को हरी झंडी दिखाई।स्टेशन से 27 सवारियां पहले दिन बस में बैठकर रवाना हुई। जबकि वापसी में 28 यात्री सवार हुए। रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक पहले दिन बससे हल्द्वानी से नैनीताल जाने और नैनीताल से हल्द्वानी आने में कुल 3329 रुपये किराया मिला अब सोमवार से रोजाना नैनीताल के दो चक्कर लगेंगे। शुभारंभ के अवसर पर नैनीताल विधायक संजीव आर्य, मेयर डॉ. जोगेंद्र रौतेला, आरटीओ राजीव मेहरा, एआरटीओ विमल पांडे, आरएम संचालन यशपाल सिंह, तकनीक अनूप रावत, एआरएम सुरेंद्र बिष्ट, मनोज दुर्गापाल, वीके सैनी व स्टेशन इंचार्ज रवि शेखर कापड़ी मौजूद रहे।इलेक्ट्रिक बस में चालक-परिचालक के अलावा 30 सवारियों के बैठने की जगह है। दो राउंड (आना-जाना दोनों तरफ चार बार) लगाने पर अधिकतम 120 लोग बैठ सकते हैं। जिस पर निगम के खाते में 7800 की राशि आएगी। इस हिसाब से एक करोड़ बीस लाख रुपये जुटाने में सवा चार साल आठ दिन का वक्त लगेगा। हालांकि परिचालक सैलरी व कंपनी का अनुबंध होने पर उसे भी अलग से पैसे देने पड़ेंगे।इलेक्ट्रिक बस की बैटरी की चार्जिग को लेकर दिन में कम से कम तीन घंटे का समय चाहिए। इसकी चार्जिग का मुख्य प्वाइंट काठगोदाम वर्कशॉप में वायरिंग मरम्मत कर बनाया गया है। 12 से तीन बजे तक बस की बैटरी चार्ज होगी। क्योंकि पांच बजे बाद वर्कशॉप गेट पर ताला लग जाता है।