उत्तर प्रदेश देश होम

सामने आई इंस्पेक्टर सुबोध की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कई चौंकाने वाले खुलासे

यूपी के बुलंदशहर में भीड़ की हिंसा का शिकार हुए पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। इस रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। दरअसल, सोमवार को बुलंदशहर के स्याना इलाके में गोहत्या की खबर पर गुस्साई भीड़ ने जमकर बवाल काटा था। बवाल के दौरान गोली लगने से इंस्पेक्टर सुबोध की मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में 27 नामजद और 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है, जिनमें से चार को गिरफ्तार किया जा चुका है। इंस्पेक्टर सुबोध की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि उन्हें गोली लगने से पहले उनके ऊपर पत्थरबाजी भी की गई।इंस्पेक्टर सुबोध की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, सुबोध को दूर से गोली मारी गई है। रिपोर्ट में इंस्पेक्टर सुबोध के सिर पर गोली का एक निशान मिला है। गोली उनके सिर में घुसी और उसके बाद खोपड़ी में ही फंस गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें गोली लगने का घाव 1 सेमी से 1.5 सेमी के बीच है। सुबोध के सिर के एक्सरे को देखने पर स्पष्ट तौर पर पता चलता है कि गोली उनके सिर के पिछले हिस्से में फंस गई। इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके सिर में पत्थर लगने के भी 4 से 6 घाव मिले हैं।आपको बता दें कि सोमवार को बुलंदशहर के स्याना इलाके में एक खेत में गोकशी की सूचना पर हिंदू संगठनों के लोग भड़क गए थे। गुस्साई भीड़ गांव की पुलिस चौकी पर पहुंची और इस मामले में मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और गुस्साए लोगों को समझाने का प्रयास किया। वरिष्ठ अधिकारियों के समझाने के बावजूद लोग शांत नहीं हुए और देखते ही देखते भीड़ ने उग्र रूप धारण कर लिया। भीड़ ने कई वाहनों में आग लगा दी और पुलिस चौकी के ऊपर पथराव शुरू कर दिया।

पुलिस का कहना है कि भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने देसी तमंचे से फायरिंग भी की। पत्थरबाजी में इंस्पेक्टर सुबोध घायल हो गए, जिसके बाद उनके साथी उन्हें जीप में हॉस्पिटल लेकर जाने लगे, लेकिन भीड़ ने उन्हें घेर लिया। भीड़ को देखकर साथी पुलिसकर्मी इंस्पेक्टर सुबोध को अकेला छोड़कर भाग गए। इसके बाद जब भीड़ वहां से हटी तो इंस्पेक्टर सुबोध को हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। बवाल के दौरान सुबोध कुमार सिंह के अलावा एक अन्य युवक सुमित, जो प्रदर्शनकारियों में शामिल था, की भी मौत हो गई। इस मामले की जांच के लिए सरकार ने एसआईटी का गठन किया है।इस मामले में बजरंग दल का जिला संयोजक योगेश राज मुख्य आरोपी है। बताया जा रहा है कि उसी ने सबसे पहले गोकशी की शिकायत की थी और उसी ने भीड़ को भड़काने का काम किया। मामले में स्याना कोतवाली में उपनिरीक्षक सुभाष सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। योगेश राज पहले एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था और उसके बाद साल 2016 में बजरंग दल में शामिल हो गया। बजरंग दल में उसे जिला संयोजक का पद मिला। योगेश मूल रूप से नयाबांस गांव का रहने वाला है। पुलिस ने उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 302, 333, 353, 427, 436, 394 के तहत मामला दर्ज किया है।