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जेट एयरवेज को खरीदेगा एतिहाद, कंपनी ने शुरू की बैंकों से बातचीत

etihad plans to buy stake in jet airways, companies in talk with banks

घाटे से बेहाल देश की प्रमुख एयरलाइन कंपनी जेट एयरवेज जल्द ही बिक जाएगी। आबू धाबी की प्रमुख एयरलाइन कंपनी एतिहाद एयरवेज, जो कि दूसरी सबसे बड़ी शेयर होल्डर है, उसने बैंकों से बातचीत शुरू कर दी है। एतिहाद के अधिकारियों ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के अधिकारियों से इस संबंध में बातचीत भी शुरू कर दी है। एतिहाद जेट एयरवेज में अपनी 24 फीसदी हिस्सेदारी को बढ़ाकर के 49 फीसदी तक ले जाना चाहता है। जेट एयरवेज पर फिलहाल 400 मिलियन डॉलर की देनदारी है। यह पैसा उसे बाजार में चुकाना है। हालांकि एतिहाद को भी वित्त वर्ष 2017 में 1.52 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ था। इससे कंपनी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए ज्यादा पैसा खर्च नहीं करेगी।जेट एयरवेज को रविवार को मजबूरी में अपनी 14 उड़ानें रद्द करनी पड़ी थी क्योंकि उसके पायलट बीमारी का बहाना बनाकर काम पर नहीं आए थे। पैसों की तंगी से जूझ रही जेट एयरवेज ने अपने कर्मचारियों से वादा किया है कि वह 1 अप्रैल, 2019 तक कर्मचारियों की बकाया राशि का भुगतान कर देगी। एयरलाइन ने अपने पायलटों को भेजे गए मैसेज में उनसे अनुरोध किया है कि वह बाहरी ताकतों के खिलाफ एकजुट होकर उसके साथ खड़े रहें।

हालांकि एयरलाइन ने बयान जारी कर कहा था कि उड़ानों को अप्रत्याशित परिचालन परिस्थिति और पायलटों के असहयोग की वजह से रद्द किया गया था। पायलटों को भेजे संदेश में जेट एयरवेज ने अपनी परेशानियों के लिए विमानन व्यवसाय की स्थिति को दोषी ठहराया है।

कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल में मुख्य लोक अधिकारी राहुल तनेजा ने कहा, ‘विमानन उद्योग लगातार चुनौतियों का सामना कर रहा है जिसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ रहा है और जेट एयरवेज इसमें कोई अपवाद नहीं है। इस मुश्किल की घड़ी में हम आप सभी का आभार व्यक्त करते हैं और धन्यवाद करते हैं कि आप हमेशा कंपनी के साथ खड़े रहे, अपना समर्थन देते रहे और हमें समझा।’

तनेजा ने आगे कहा, ‘कृपया आश्वस्त रहें कि जेट एयरवेज प्रबंधन अपने दायित्वों का ख्याल रखते हैं और किए गए वादों को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम इस बात को दोहराना चाहते हैं कि आपकी सितंबर माह की बची हुई 25 प्रतिशत सैलरी 4 दिसंबर को दे दी जाएगी।

आपकी बकाया सैलरी भी प्राथमिकता के तौर पर 1 अप्रैल 2019 तक दे दी जाएगी।’ जेट को जून के बाद तीन महीनों में कमजोर रुपये और तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से 1,323 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। घाटे की वजह से ही वह अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पा रहा है।