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11 फीट की दीवार, CCTV कैमरे, 24 घंटे सिक्यॉरिटी, फिर कैसे लापता हुईं 9 लड़कियां?

संस्कार आश्रम में मंगलवार को भी दिल्ली सरकार से पेंशन लेने वाले बुजुर्गों की लाइन लगी हुई थी। मीडिया के जमावड़े को देखकर सब हैरान थे और बार-बार पूछ रहे थे कि आज क्या हो गया? जब उन्हें बताया गया कि यहां के शेल्टर होम से नौ लड़कियां फरार हो गई हैं तो सभी भौचक्के रह गए। हर कोई एक ही बात कर रहा था कि आखिरकार नौ लड़कियां आंखों में धूल झोंककर कैसे भाग सकती हैं?दिल्ली सरकार के समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग, अनुसूचित जाति, जनजाति, अति पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के ऑफिस हैं। बॉय्ज ऐंड गर्ल्स हॉस्टल भी यहां हैं, जिनमें दिल्ली के कॉलेज और इंस्टिट्यूट में पढ़ रहे स्टूडेंट्स रहते हैं। यहां वोकेशनल इंस्टिट्यूट और टेक्निकल सर्विस सेंटर भी चलते हैं। इसलिए यहां पर दोपहर के समय भीड़-भाड़ भी रहती है। आम जनता की एंट्री ज्यादातर गेट नंबर तीन से रहती है, जो ग्रीन फील्ड स्कूल वाले रोड पर पड़ता है।

गेट नंबर 3 से करीब 100 मीटर की दूरी पर वह शेल्टर होम बना हुआ है, जहां से 9 लड़कियों के भागने की बात कही जा रही है। इसका कैंपस अलग बना हुआ है। इसकी दीवार के एक तरफ डीडीए का खाली ग्राउंड है, जबकि दूसरी तरफ संस्कार आश्रम के बॉय्ज और गर्ल्स हॉस्टल हैं। पीछे की तरफ जीटीबी एन्क्लेव ‘ई’ पॉकेट के फ्लैट्स की रोड है। इस सड़क पर ज्यादा ट्रैफिक नहीं रहता है, क्योंकि इसके बाहर गेट लगा हुआ है और वह ज्यादातर बंद रहता है।

दिलचस्प यह है कि हॉस्टल के भीतर कई जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, शेल्टर होम के भीतर भी कैमरे लगे होने की बात कही जा रही है। संस्कार आश्रम की चारदीवारी पर नजर डालें तो वह करीब छह से साढ़े छह फुट तक है, उसके ऊपर करीब तीन फुट की लोहे की रेलिंग है और फिर करीब दो फुट गोल-गोल घुमावदार कांटे वाले तार लगाए गए हैं। शेल्टर होम के फ्रंट गेट से निकलने के बाद फिर से संस्कार आश्रम की इतनी बड़ी और कांटेदार दीवार है।

ऐसे में सवाल यह है कि नौ लड़कियां कैसे एकसाथ इतने घेरे को पार कर भाग गईं? संस्कार आश्रम के सूत्र आशंका जता रहे हैं कि इन लड़कियों को बड़े आराम से किसी गाड़ी में बिठाकर गेट से ले जाया गया होगा। इसमें निश्चित रूप से भीतर के लोगों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता है। आशंका की वजह यह भी है कि संस्कार आश्रम के कांटेदार तार कहीं से भी कटे नहीं दिख रहे हैं और तीनों गेट पर 24 घंटे सिक्यॉरिटी रहती है। करीब 11 फुट ऊंची कांटेदार दीवार, अंदर-बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे और 24 घंटे तैनात सिक्यॉरिटी गार्ड होने के बावजूद 9 लड़कियों का शेल्टर होम से ‘लापता’ होना सवाल तो खड़े करता है। लड़कियों के गायब होने के तीन दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। दिल्ली महिला आयोग ने आरोप लगाया है कि जीबी रोड के दलाल और संस्कार आश्रम के अधिकारियों के बीच कुछ न कुछ सांठगांठ है। उन्हें डर है कि बच्चियों को फिर से जीबी रोड या कहीं और न बैठा दिया गया हो। इस घटना से आहत आयोग की अध्यक्ष स्वाति जय हिंद ने कहा कि आयोग जान पर खेलकर इन बच्चियों को छुड़ाता है और इन लड़कियों का फिर से गायब हो जाना महिला आयोग के रेप जैसा है। स्वाति ने पुलिस कमिश्नर से अपील की है कि इस केस को क्राइम ब्रांच को सौंपा जाए। स्वाति ने इस मामले को लेकर पुलिस कमिश्नर और उपराज्यपाल से मिलने के लिए समय मांगा है। मंगलवार को स्वाति दिलशाद गार्डन स्थित संस्कार आश्रम का निरीक्षण किया। आश्रम की स्थिति बहुत ही दयनीय थी, उन्होंने आश्रम की स्थिति को दमघोंटू करार दिया। उन्होंने कहा कि यह देखकर बहुत दुख हुआ कि वहां रहने वाली लड़कियों को ठीक से खाना और कपड़े नहीं दिए जा रहे। लड़कियों की नियमित मेडिकल जांच तक नहीं हो रही है। स्टाफ का व्यवहार बहुत ही असंवेदनशील है, जिससे लड़कियों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है।