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यहां होगा जीनियस बैट्समैन विराट कोहली की कप्तानी का असली टेस्ट: क्लार्क

ऑस्ट्रेलिया में भारत का 'टेस्ट रिपोर्ट कार्ड'

गुरुवार से भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शुरू हो रही टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्ककॉमेंट्री के लिए भारत में होंगे। 4 टेस्ट की इस सीरीज का आगाज एडिलेड से होगा। इस सीरीज के दौरान क्लार्क सोनी के लिए कॉमेंट्री करेंगे। इस सीरीज को लेकर हमारे सहयोगी मुंबई मिरर ने क्लार्क से चर्चा की।मैं मानता हूं कि आपको दो ऐसी टीमें दिखेंगी, जो सीरीज जीतने के लिए एक-दूसरे से संघर्ष करेंगी। यह सीरीज दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण है। भारत ऑस्ट्रेलिया में कभी सीरीज नहीं जीता है और इस बार यह उसके लिए अच्छा मौका है क्योंकि पिछले कुछ समय से ऑस्ट्रेलिया अच्छा नहीं खेल रहा है। लेकिन अब वह अपने घरेलू दर्शकों के बीच खेलेगा, तो यह उनके लिए भी अच्छा अवसर होगा। वे इतना तैयारी कर रहे हैं, जितने ज्यादा वे कर सकते हैं। तो इसका कोई अर्थ नहीं होगा कि ऑस्ट्रेलिया क्या कहता है, बजाए इसके कि वह क्या करता है। ऑस्ट्रेलिया की ताकत उसकी बोलिंग है। उनके पास बहुत अच्छे फास्ट बोलर हैं, नाथन लॉयन के रूप में एक शानदार स्पिनर है और मिशेल मार्श के रूप में प्रतिभाशाली ऑलराउंडर भी है। ये टीम इन 5 खिलाड़ियों पर पूरी सीरीज में निर्भर रहेगी। लेकिन जो टीम अच्छी बैटिंग करेगी वह जीतेगी।
मैं मानता हूं कि यह भारत के लिए एक शानदार मौका है। फिर भी मैं मानता हूं जैसा कि मैंने पहले ही कहा कि ऑस्ट्रेलिया का बोलिंग अटैक दुनिया के किसी भी बोलिंग अटैक जितना ही अच्छा है। अगर कंगारू बल्लेबाजों ने इस बोलिंग अटैक को पर्याप्त रन दे दिए, तो ये किसी भी टीम को आउट कर सकते हैं मैं समझता हूं जिसने भी ऑस्ट्रेलियाई टीम की कमान संभाली है वे सभी जेंटलमैन ही थे। सभी कप्तान भाग्यशाली रहे जिन्होंने गेम को सही खेल भावना के साथ खेला। वे मैदान पर कड़क थे और नियमों का आदर करते थे। अंत में ऑस्ट्रेलिया के लोग ही इस टीम को उसकी जीत और हार के दम जज करेंगे। यह ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम का दुर्भाग्य है कि जब उन्हें स्टीव स्मिथ को हटाना पड़ा, तो उनके स्टीव स्मिथ का सही रिप्लेसमेंट होना चाहिए था। देखिए मैं मानता हूं कि समय हमें उनके बारे में बता रहा है। ऑस्ट्रेलियाई क्या करते आए हैं, पहले अपने बेस्ट 11 चुनों और फिर कैप्टन। इससे टीम इतनी बेहतर होती थी, जितना उसे होना चाहिए। जो खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अच्छा परफॉर्म करते थे उन्हें टीम में जगह मिलती है। यही ऑस्ट्रेलिया की ताकत है और इसलिए उसका बोलिंग अटैक इतना शानदार है। इस बात का कोई अर्थ नहीं है कि कंडिशंस कैसी होंगी, भारतीय बल्लेबाजों के लिए यह सीरीज चुनौतीपूर्ण ही होगी।