देश राजनीती होम

कांग्रेस नेता ने की बिचौलिए क्रिश्चियन की पैरवी, पार्टी के महासचिव से भी मिले

कांग्रेस सांसद कमलनाथ और अहमद पटेल के मध्य में अल्जो जोसेफ। (फाइल फोटो)

अगस्ता-वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाले में बिचौलिए ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल की बुधवार को विशेष अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान नेशनल यूथ कांग्रेस के लीगल डिपार्टमेंट इंचार्ज अल्जो जोसेफ ने क्रिश्चियन की पैरवी की। सुनवाई के बाद अल्जो ने कांग्रेस दफ्तर में जाकर पार्टी के महासचिव दीपक बावरिया से भी मुलाकात की।दिल्ली की विशेष अदालत ने क्रिश्चियन मिशेल (57) को 5 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है। मिशेल को मंगलवार रात संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत लाया गया था। उसे सीबीआई, रॉ और विदेश मंत्रालय के अफसर दुबई से गल्फ स्ट्रीम के जेट विमान से भारत लाए थे।इस बारे में अल्जो जोसेफ ने कहा- मैं नेशनल यूथ कांग्रेस के लीगल डिपार्टमेंट का इंचार्ज हूं और एक पेशेवर वकील हूं। मेरा कांग्रेस का सदस्य होना और एक वकील होना दोनों अलग-अलग बाते हैं। मुझसे कोई पैरवी करने के लिए कहता है तो मैं अपने क्लाइंट के लिए पैरवी करता हूं, इसका कांग्रेस से कोई लेना देना नहीं।भाजपा प्रवक्ता सुरेश नखुआ ने ट्वीट किया- कोई अंदाजा लगा सकता है कि क्रिश्चियन का वकील कौन है? अल्जो जोसेफ, नेशनल यूथ कांग्रेस के लीगल डिपार्टमेंट का इंचार्ज।

मिशेल पर आपराधिक साजिश का आरोप लगा था, जिसमें पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी, उनके परिवार के सदस्यों और अफसरों को भी शामिल किया गया था। यह भी कहा गया कि अधिकारियों ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करके वीवीआईपी हेलिकॉप्टर की सर्विस सीलिंग 6 हजार मीटर से 4500 मीटर तक कम करा ली थी।

 

सीलिंग कम होने के बाद 556.262 मिलियन यूरो (करीब 44 लाख करोड़ रुपए) के हेलिकॉप्टर कॉन्ट्रैक्ट पर सहमति बनी थी। इसके लिए रक्षा मंत्रालय (यूपीए 2) ने 8 फरवरी 2010 को 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों के लिए पैसे दिए थे। मिशेल कंपनी में 1980 से काम कर रहा था। उसके पिता भी कंपनी में भारतीय क्षेत्र के मामलों के लिए सलाहकार रहे थे। सीबीआई का कहना है कि मिशेल काफी भारत आता-जाता था और रक्षा सौदों में वायुसेना और रक्षा मंत्रालय के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाता था। मिशेल को वायुसेना और रक्षा मंत्रालय के अफसरों से सूचनाएं मिलती थीं। प्राप्त जानकारियों को वह इटली और स्विट्जरलैंड फैक्स के जरिए भेजता था। इस मामले में चीफ एसपी त्यागी को 2016 में गिरफ्तार किया गया था। त्यागी पर आरोप है कि उन्होंने डील को इस तरह प्रभावित किया कि कॉन्ट्रैक्ट इटली की अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी को ही मिले।