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राजस्थान में जाट वोट बैंक पर कांग्रेस की नजर, आरएलपी ने बिगाड़ा खेल

राजस्थान में कांग्रेस बीजेपी को हराकर सत्ता में आने की तैयारी बेशक कर रही हो लेकिन यहां जाट फैक्टर महत्वपूर्ण है। कांग्रेस की जीत का गणित इस समुदाय के समर्थन पर निर्भर करता है। सरदारपुरा में जहां कांग्रेस के मजबूत नेता अशोक गहलोत के जीतने की उम्मीद है और जोधपुर शहर जहां पार्टी उम्मीदवार मनीषा पंवार को पसंदीदा चेहरे के रूप में देखा जाता है। यहां जाट नेता हनुमान बेनीवाल और उनकी नई राष्ट्रीय लोकतंत्रिक पार्टी है, जो खेल बिगाड़ने का काम कर सकती है। राजस्थान में जाटों का एक मजबूत वर्ग है, जिसे राज्य में 200 सीटों में से कम से कम 55 में निर्णायक फैक्टर माना जाता है। फिलहाल जाटों को कांग्रेस का समर्थन करने वालों के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन बेनीवाल इसमें वोट काट सकते हैं। कई लोगों का कहना है कि वह राज्य में बड़े पैमाने पर द्विध्रुवीय चुनावी प्रतियोगिता में ‘बीजेपी का गेम’ खेल रहे हैं, जो 7 दिसंबर को मतदान में प्रभाव डाल सकता है।

2013 में, बीजेपी जोधपुर संसदीय क्षेत्र में आठ विधानसभा सीटों में से सात पर जीती थी। गहलोत कांग्रेस की ओर से जीतने वाले एकमात्र उम्मीदवार थे। जैसे-जैसे मतदान पास आता जा रहा है, जाट नेता निर्वाचन क्षेत्रों में इस जुगत में लगे हैं कि किसी तरह बेनीवाल की सार्वजनिक बैठकों में ‘भ्रमित, बेरोजगार’ युवाओं को जाने से रोका जा सके। बीजेपी के बागी बेनीवाल बड़ी संख्या में युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं, खासतौर पर जाट युवा, इस बेल्ट में बेनीवाल के बारे में बात कर रहे हैं और कांग्रेस को झटका दे सकते हैं।

लेकिन जब बेनीवाल एक हेलीकॉप्टर में आते-जाते दिखते हैं, तो इस बात को जोर मिलता है कि उन्हें बीजेपी का साथ है। अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा के अध्यक्ष और नागौर ज्योति मिर्धा से पूर्व कांग्रेस सांसद प्रकाश बेनीवाल ने अपने प्रतिद्वंद्वियों से पूछा, ‘एक किसान-नेता हेलिकॉप्टर किराए पर कैसे ले सकता है, जिसकी कीमत 3 लाख रुपये प्रति घंटे है?’ राजस्थान जाट महासभा के नेता जीआर पुनिया ने बताया, ‘वह कांग्रेस को कुछ सीटों का नुकसान जरूर पहुंचाएंगे।’