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बीजेपी की सहयोगी आरएलएसपी का एनडीए से मोहभंग, अलग होने के संकेत

बिहार में बीजेपी की सहयोगी पार्टी आरएलएसपी का एनडीए से मोहभंग होता दिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सीट साझा करने पर चर्चा के लिए पार्टी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के सभी प्रयासों के बाद शनिवार को राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) ने बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ अलग होने के संकेत दिए हैं। आरएलएसपी के राष्ट्रीय महासचिव माधव आनंद ने फोन पर बताया, ‘एनडीए में हमारा साथ अब पूरी तरह खत्म हो गया है। हम हमारे सामने उपलब्ध सभी विकल्पों पर विचार करेंगे। हालांकि, एक बात निश्चित है कि हम इस 2019 के लोकसभा चुनाव में अकेले नहीं उतरेंगे।’ आनंद ने कहा, ‘हम आरजेडी के नेतृत्व में महागठबंधन से जुड़ाव महसूस कर रहे हैं। अगर हमारी पार्टी को सीटों की उचित संख्या मिलती है, तो बिहार में महागठबंधन में शामिल होने में हमें कोई समस्या नहीं होगी।’ आरएलएसपी बीजेपी से राज्य में तीन या इससे ज्यादा सीटों की मांग कर रही थी। मोतीहारी में कुशवाहा ने भी अपना इरादा स्पष्ट कर दिया। उन्होंने कहा, ‘जब नाश मनुष्य पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है।’ सीट शेयरिंग के संबंध में उनके साथ चर्चा करने के लिए पीएम और बीजेपी प्रमुख अमित शाह के न मानने को लेकर कुशवाहा ने कहा, ‘केवल वे (मोदी और शाह) ही समझा सकते हैं कि मुझे प्रधानमंत्री के साथ बैठक के लिए समय क्यों नहीं दिया गया।’ आरएलएसपी प्रमुख ने 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए बिहार में एनडीए भागीदारों के बीच सीट शेयरिंग को अंतिम रूप देने के लिए बीजेपी को 30 नवंबर का अल्टीमेटम दिया था। आरएलएसपी के अलावा, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला जेडी (यू) और रामविलास पासवान का एलजेपी राज्य में बीजेपी के दो अन्य सहयोगी हैं। यह कदम 4 दिसंबर से पश्चिम चंपारण जिले में आरएलएसपी के दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ की शुरुआत से तीन दिन पहले उठाया गया है।