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अब पंधाना की तीन ईवीएम तीन दिन बाद पहुंचीं, खुरई में लापरवाही पर नायब तहसीलदार सस्पेंड

खुरई में 48 घंटे बाद ईवीएम जमा होने का मामला अभी गरम ही था कि खंडवा जिले के पंधाना में भी ऐसा ही मामला सामने आ गया। यहां तीन ईवीएम और दो वीवीपैट मशीनें शुक्रवार सुबह निर्वाचन अधिकारी के लैटर के बाद डाइट में जमा कराई गईं। तीनों मशीनें रिजर्व थीं, जो एसडीएम पंधाना और एक थाना छैगांवमाखन के क्षेत्र की थीं।

इस संबंध में पंधाना एसडीएम से संपर्क किया गया तो उन्होंने सवाल सुनते ही फोन कॉल काट दिया। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने बताया कि शुक्रवार सुबह 11 से 12 बजे के बीच निर्वाचन विभाग ने रिजर्व ईवीएम जमा करने के लिए पत्र भेजा था।

 

जिसमें दोपहर 3 बजे डाइट में आने का लिखा हुआ था। तीन घंटे पहले मिले पत्र पर भाजपा, कांग्रेस एवं बसपा के प्रतिनिधि डाइट पहुंचे थे। हालांकि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को बुलाकर खंडवा के उप जिला निर्वाचन अधिकारी डीके नागेंद्र ने ईवीएम को जमा करने की कार्रवाई पूरी की। डाइट में रिजर्व ईवीएम के लिए आरक्षित कक्ष (स्ट्रॉन्ग रूम) की सील शुक्रवार दोपहर 3 बजे तोड़ी गई। बाद में उसे दोबारा सील किया गया।

उधर, दिल्ली में कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय दल ने चुनाव आयोग से मप्र में ईवीएम सुरक्षा को लेकर ज्ञापन सौंपा।

गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह के विधानसभा क्षेत्र खुरई की ईवीएम और वीवीपैट सहित कुल 118 मशीनें 48 घंटे बाद जमा होने के मामले में शनिवार को कमिश्नर मनोहर दुबे ने नायब तहसीलदार राजेश मेहरा को सस्पेंड कर दिया है। उन्हें मशीनें देर से लाने और प्रत्याशियों को सूचित नहीं करने का दोषी माना गया। तहसीलदार को भी जवाब-तलब किया गया है।

 

वहीं, खुरई में मचे राजनीतिक बवाल के बीच टीआई विजय सिंह तोमर तीन दिन की छुट्टी पर चले गए हैं। इसकी पुष्टि करते हुए एसपी सत्येंद्र शुक्ला ने बताया कि तोमर के खिलाफ कांग्रेस से शिकायत भी आई थी, जिसकी भी जांच कराई जा रही है। उधर, बिना नंबर की बस से ईवीएम, वीवीपैट आदि लाने के मामले में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बीएल कांता राव ने सागर कलेक्टर आलोक कुमार सिंह को जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि कलेक्टर का कहना है कि बिना नंबर वाली बस नगर पालिका खुरई की है, जो एक माह से अधिग्रहीत थी। रोज इसी से कर्मचारी आते थे। इसका पूरा रिकॉर्ड भी है, जो दो अन्य वाहन हैं, उन पर नंबर दर्ज हैं।

 

शनिवार को कलेक्टर और एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ला ने इंजीनियरिंग कॉलेज स्थित स्ट्राॅन्ग रूम का निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद सुरखी, रहली, बंडा, खुरई आदि के प्रत्याशियों ने भी व्यवस्थाएं देखीं। गौरतलब है कि खुरई विधानसभा क्षेत्र की 118 मशीनें, जिनमें बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट शामिल थीं, 48 घंटे बाद जमा करने लाई गई थीं। इन्हें कांग्रेसियों ने स्ट्राॅन्ग रूम में जमा करने पर आपत्ति ली थी। करीब 5 घंटे तक चले हंगामे के बाद प्रशासन ने कांग्रेस प्रत्याशी अरुणोदय चौबे को रेंडमली 7 मशीनें चैक कराईं और उनमें कोई वोट नहीं निकला था।

 

चौबे ने आयोग से शेष मशीनों की जांच विशेषज्ञों से कराने की मांग की है। कांग्रेसियों का आरोप है कि ईवीएम मशीन जिन वाहनों से आ रही थीं, वे गृहमंत्री के होटल दीपाली के पास रुके थे। हालांकि कलेक्टर ने इससे इनकार किया है। इस बीच शनिवार से सभी आठों विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्ट्रांग रूम के बाहर डेरा डाल लिया है।भोपाल में स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा में लगी एलईडी शनिवार सुबह 5:30 बजे फिर बंद हो गईं। कांग्रेसियों ने इसकी शिकायत निर्वाचन आयोग को की तो आयोग ने 7:45 बजे लाइव प्रसारण शुरू कराया। कलेक्टर का कहना है कि एलईडी का तार हिल गया था। उसे जोड़ने में ही इतना समय लग गया। अब दो एलईडी लगाईं हैं, जो जाली में रहेंगी। इसी के साथ इनवर्टर भी लगा दिया है, ताकि लाइट गुल होने और जनरेटर में खराबी आने पर इनवर्टर के सहारे एलईडी पर लाइव प्रसारण होता रहे।