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बिहार : विधानमंडल का शीतकालीन सत्र अनिश्चित काल के लिए स्थगित

बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा जिसके बाद शुक्रवार को दोनों सदनों की कार्यवाही को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया। बिहार विधानमंडल के हंगामेदार रहे इस शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन भी विपक्षी सदस्यों के राज्य के ज्वलंत मुद्दों को लेकर हंगामा जारी रखे जाने के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही आज भोजनावकाश तक के लिए स्थगित करनी पड़ी थी। भोजनावकाश के बाद अपराह्न दो बजे बिहार विधानसभा की कार्यवाही के फिर शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों द्वारा हंगामा जारी रखे जाने पर अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी को सदन की कार्यवाही चार बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

वहीं विधान परिषद में भोजनावकाश के बाद कार्यवाही के शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों द्वारा हंगामा जारी रखे जाने पर कार्यकारी सभापति हारून रशीद को सदन की कार्यवाही अपराहन ढाई बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी थी। ढाई बजे बिहार विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होने पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कैग के 31 मार्च 2017 को समाप्त हुए वर्ष के प्रतिवेदन ‘सामान्य, सामाजिक एवं आर्थिक प्रक्षेत्र’ की प्रति सदन के पटल पर रखी। इस पर कांग्रेस के प्रेमचंद्र मिश्र ने अपनी सीट से खड़े होकर सरकार से विपक्ष द्वारा पूर्व में उठाए गए सवालों का जवाब देने की मांग शुरू कर दी। उनके समर्थन में राजद सदस्य भी अपनी अपनी सीट से खड़े हो गए। अपनी मांग पूरी नहीं होने पर विपक्षी सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गए।

विपक्षी सदस्यों की अनुपस्थिति में सुशील कुमार मोदी ने बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव पर प्रहार करते हुए विपक्ष पर विधानमंडल के इस सत्र को लगातार बाधित करने का आरोप लगाया। इस पर राजद सहित अन्य विपक्षी सदस्यों ने सदन के भीतर आकर इस पर विरोध किया। बिहार विधानमंडल के इस शीतकालीन सत्र के दौरान कुल पांच बैठकें हुईं और इस दौरान बिहार माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2018, बिहार औद्योगिक विवाद (बिहार संशोधन) विधेयक 2018 तथा बिहार विनियोग (संख्या 4) विधेयक 2018 को स्वीकृति मिली। बिहार विधान सभा के एकादश सत्र और बिहार विधान परिषद के 190वें सत्र के शुक्रवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित किए जाते समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों सदनों में मौजूद थे ।